बाबरी (शामली)। गांव बंतीखेड़ा में किसान सलीम (55) की गन्ने की फसल पर कीटनाशक दवा का छिड़काव करते समय अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
गांव बंतीखेड़ा निवासी सलीम रविवार दोपहर अपने खेत में फसल पर कीटनाशक दवा का छिड़काव कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत खराब हुई और चक्कर आने लगे। पहले तो किसान ने इसे गर्मी की वजह से सामान्य परेशानी समझा, लेकिन कुछ ही देर में उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। खेत में मौजूद अन्य लोगों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। परिजन खेत पहुंचे और उन्हें शामली के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने भर्ती कर उपचार शुरू किया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर देर रात किसान की मौत हो गई। सोमवार सुबह परिजनों ने शव को सुपुर्दे खाक कर दिया। किसान की मौत पर ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।
ग्रामीणों के मुताबिक सलीम के आठ बच्चों में से पांच बच्चों की शादी हो चुकी है। एक बेटी और दो बेटे अभी अविवाहित है। उधर, जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव ने फसलों पर कीटनाशक का छिड़काव करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
ये बरतें सावधानी
- कीटनाशक के डिब्बे या पैकेट पर लिखे लेबल और निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।
- कीटनाशक की सही मात्रा (डोज) का ही इस्तेमाल करें।
- हमेशा पूरी बाजू की कमीज, लंबी पैंट, रबर के दस्ताने, जूते और चेहरे पर मास्क पहने।
- कभी भी हवा की विपरीत दिशा में छिड़काव न करते हुए हवा के बहाव के साथ चलते हुए छिड़काव करें।
- तेज धूप, बारिश के दौरान या तेज हवा चलने पर छिड़काव न करें। सुबह-शाम छिड़काव करें।
- खाली पेट छिड़काव न करें। छिड़काव से पहले कुछ हल्का खा-पी ले।
- दवा का घोल बनाते या छिड़काव करते कुछ न खाएं पिये। धूम्रपान भी न करें
- छिड़काव के बाद खेत में पहने हुए कपड़े बदले और साबुन व साफ पानी से अच्छी तरह नहाएं।
- छिड़काव के दौरान या बाद में चक्कर आना, जी मिचलाना या त्वचा में जलन जैसे लक्षण महसूस दे तो तुरंत खेत से बाहर आए और चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।