शामली के बड़ा बाजार कीजामा मस्जिद में जुमे की नमाज पढ़ते अकीदतमंद। संवाद
शामली। रमजान के पाक महीने के अलविदा जुमे पर जिलेभर की मस्जिदों में अकीदतमंदों ने पूरे एहतराम और अकीदत के साथ जुमे की नमाज अदा की। नमाज के बाद रोजों की कबूलियत, गुनाहों की माफी और देश में अमन-चैन व खुशहाली की दुआ मांगी। शामली शहर के जामा मस्जिद, फव्वारा चौक वाली मस्जिद, टायर वाली मस्जिद में अकीदतमंदों की भीड़ रही। झिंझाना कस्बे में नूरिया, नीला रोजा, खारे वाली, शाह मुबारिक, आयशा, नूर मोहम्मदिया, मनिहारों वाली, कुरेशियान, सालारा वाली और पीरखोन वाली मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ रही। नमाज के दौरान मस्जिदें अकीदतमंदों से खचाखच भरी नजर आईं। नमाज के बाद लोगों ने मुल्क में अमन-शांति और भाईचारे के लिए दुआ मांगी।
जलालाबाद कस्बे की जामा मस्जिद, मौलवियों वाली मस्जिद, स्टैंड वाली मस्जिद, मुनियों वाली मस्जिद, मदरसे वाली मस्जिद और दरबार वाली मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों में हजारों नमाजियों ने अकीदत के साथ नमाज अदा की। जामा मस्जिद में मौलाना ऐनूल हक ने कुतबा पढ़कर नमाज अदा कराई, जबकि मौलवियों वाली मस्जिद में मौलाना शरीक हुसैन और स्टैंड वाली मस्जिद में मुफ्ती दानिस ने नमाज पढ़ाई।
इबादत, जकात, सदका और फितरा देने का विशेष महत्व है। जुमे की नमाज को लेकर नगर पंचायत प्रशासन की ओर से भी विशेष व्यवस्थाएं की गईं।