शामली। दुनिया की चकाचौंध, अधिक पैसों की चाह, ग्लैमर और मोबाइल पर अधिक बातें पत्नी-पत्नी के पति-पत्नी के पवित्र रिश्तों को कमजोर करने लगी है। दोनों के बीच का भरोसा जानलेवा शक में तब्दील हो रहा है। सोनीपत निवासी शाहनवाज की हत्या का मामला इसका ताजा उदाहरण है, जिसमें उसकी पत्नी ने ही अपने प्रेमी तसव्वुर और उसके साथियों के साथ साजिश रचकर पति का कत्ल करा दिया। हालत यह है कि जिले में अभी तक नौ पतियों ने वन स्टॉप सेंटर में शिकायत कर अपनी पत्नी और उसके प्रेमियों से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि शाहनवाज की पत्नी मैफरीन पहले से ही एक प्रेम संबंध में थी। उसने पति की हत्या की साजिश रचकर प्रेमी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिलाया। शहर के सलेक विहार में 8 जून को भी बिरयानी विक्रेता खुर्शीद पर उसकी पत्नी ने सोते समय छुरे से वार कर हत्या का प्रयास किया था, लेकिन खुर्शीद की आंख खुल जाने से वह बच गया।मामले में कोतवाली पर रिपोर्ट दर्ज है। मार्च में मेरठ का सौरभ हत्याकांड पूरे देश में चर्चित है। यहां मुस्कान ने प्रेमी संग मिलकर पति सौरभ की हत्या की थी। उसके शव के टुकड़े कर ड्रम में छिपाया गया था।
मनोचिकित्सक की चेतावनी : मोबाइल और अकेलापन बड़ा कारण
मनोचिकित्सक डॉ. अरुण राय का कहना है कि बीते कुछ महीनों में पति-पत्नी के बीच संदेह और आरोप-प्रत्यारोप के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। महिलाएं अब अधिक ग्लैमर और सुविधाओं की जीवनशैली की आकांक्षा रखती हैं। यदि पति उनकी अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरते तो कई बार महिलाएं मोबाइल के जरिये पुराने प्रेम संबंधों को फिर से जिंदा कर लेती हैं और अपराध की दिशा में कदम बढ़ा देती हैं। कई मामलों में मोबाइल पर देखी गई रील्स या वीडियो भी वजह बन रही हैं।
सखी सेंटर का खुलासा: 3 महीने में 9 शिकायतें
सखी सेंटर की प्रभारी गजाला त्यागी बताती हैं कि मेरठ की घटना के बाद से पतियों द्वारा पत्नी और उसके प्रेमी से हत्या की आशंका या धमकी देने की शिकायतें बढ़ गई हैं। बीते तीन महीनों में नौ शिकायतें आई हैं, जिनमें पतियों ने पत्नी के पुराने प्रेमी से संपर्क और धमकियों की बात कही है। अधिकतर मामलों में विवाहिताओं ने मोबाइल रिल्स का विरोध और पति पर खर्च नहीं देने का भी आरोप लगाया है।
समाज के लिए चेतावनी और सुझाव
अभिभावक बच्चों को यथार्थ और आभासी जीवन में फर्क समझाएं।
शादी के बाद संयुक्त परिवार में रहने की पहल करें, ताकि सामाजिक निगरानी बनी रहे।
पति-पत्नी दोनों एक-दूसरे से संवाद रखें, समस्याओं को साझा करें।
महिलाएं पति का सम्मान करें और एक दूसरे के साथ मिलकर समस्याओं का समाधान करें।