फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: नशा तस्करी में लगे हैं परिवार, जिले में 259 चिह्नित

Fri, 05 Jun 2026 12:40 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। जिले में नशा तस्करी में फैमिली नेटवर्क बन चुका है। पति-पत्नी से लेकर भाई-बहन, पिता-बेटे तक इस अवैध धंधे में शामिल हैं। पुलिस जांच में ऐसे 259 परिवार सामने आए हैं जो नशा तस्करी से जुड़े हुए हैं। पुलिस अधीक्षक ने इन परिवारों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी है। अब पुलिस ऐसे नेटवर्क पर और सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। संकेत दिए गए हैं कि यदि जेल से बाहर आने के बाद भी आरोपी नशे के कारोबार में सक्रिय रहते हैं, तो उनकी संपत्तियां कुर्क की जाएंगी।
विज्ञापन

पुलिस की सूची में कई इलाकों के नाम शामिल हैं। आदर्श मंडी क्षेत्र में अनवर, उसका भतीजा रिजवान, रेलपार का सागर, उसका भाई कमल और जॉनी, कैराना क्षेत्र में शकील, उसका भाई सादिक और मोनू, कैराना के सादिक और इरशाद, झिंझाना के गुरनेम, नरवेज सिंह और इकराम तथा कांधला के समीर और उसकी पत्नी मनीषा आदि समेत 259 परिवार नशे का कारोबार कर रहे हैं। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि 50 परिवारों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

अब तक करोड़ों रुपये मूल्य के मादक पदार्थ पकड़े
पिछले एक साल में पुलिस ने जिलेभर में 6,127 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किए हैं, जिनकी कीमत करीब 42 करोड़ 39 लाख रुपये आंकी गई है। इस दौरान 311 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। एसपी के अनुसार अब तक 40 से अधिक नशा तस्कर परिवारों की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है और यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
विज्ञापन


जल्द अमीर बनने का लालच
एसपीने बताया कि जांच में सामने आया कि कुछ परिवार जल्दी अमीर बनने के लालच में नशे के कारोबार में उतर रहे हैं। परिवार में महिलाएं इस कारोबार में इसलिए जुड़ी है ताकि पुलिस उन पर शक नहीं कर सके और महिलाओं की आड़ में धंधा चलता रहे।

मानसिक स्वास्थ्य का पहलू भी अहम
जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग में हर महीने 90 से अधिक नशे से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं। एसीएमओ डाॅ. अतुल बंसल का कहना है कि नशे के आदी लोगों को सिर्फ अपराधी नहीं, बल्कि इलाज और सामाजिक सहयोग की जरूरत होती है, ताकि उन्हें फिर से सामान्य जीवन में लौटाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें