पीड़िता बबली ने बताया कि उन्होंने दो साल पहले 800 रुपये मासिक किश्त वाला लोन लिया था। लोन पूरा होने के बाद उन्होंने नया लोन लेने से इंकार कर दिया था, लेकिन अब उन्हें पता चला कि उनके नाम पर 2800 रुपये मासिक किश्त वाला नया लोन चल रहा है। एजेंट घर आकर सामान उठाने और अभद्रता करने की धमकी देते हैं।
महिला वर्षा ने बताया कि समूह संचालिका ने अपने नाम से कई लोन निकलवाए और अब फरार है। लगभग 20 से अधिक महिलाओं से इसी तरह की धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आई हैं।
वार्ड सभासद अनिल उपाध्याय ने कहा कि पूरा फर्जीवाड़ा संचालिका और बैंक/फाइनेंस एजेंटों की मिलीभगत से हुआ है, क्योंकि नियम के अनुसार एक लोन पूरा हुए बिना दूसरा लोन जारी नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि कोतवाली में शिकायत दी गई है और पुलिस जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने पर कार्रवाई की जाएगी।