शामली। जिला अस्पताल में नेत्र सर्जन डॉ. शबीब की आईडी पर सहारनपुर में निजी अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना संचालित होने का मामला जानकारी में आया है। जिला अस्पताल के सीएमएम डॉ. किशोर आहूजा ने जांच के लिए दो चिकित्सकों की कमेटी गठित की है। उधर, नेत्र सर्जन ने पारिवारिक कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया।
जिला अस्पताल में करीब दो साल से नेत्र सर्जन के पद पर रहे डॉ. शबीब की आईडी पर सहारनपुर में निजी अस्पताल चलने का मामला उस समय सामने आया जब जिला अस्पताल का रजिस्ट्रेशन आयुष्मान योजना में करने के लिए चिकित्सक की आईडी आयुष्मान के नोडल को भेजी गई। वहां से पता चला कि डॉ. शबीब के नाम पर पहले से सहारनपुर का एक निजी अस्पताल संचालित है। इस वजह से जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में केंद्र सरकार को आयुष्मान भारत योजनाओं की सेवाओं के लिए स्वीकृति नहीं मिल पाई।
जिला अस्पताल के सीएमएस ने बताया कि यह मामला उनकी जानकारी में आया है। इसकी जांच के लिए डॉ. अनुरागी और डॉ. कर्मवीर की कमेटी बनाई गई है। जांच रिपोर्ट के बाद ही सच्चाई का पता चल सकेगा। इस बारे में सीएमओ डॉ. अनिल कुमार को भी अवगत करा दिया गया है। सीएमएस ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह डॉ. शबीब ने पारिवारिक कारणों के चलते इस्तीफा दे दिया है। उधर, डॉ. शबीब ने बताया कि उन्होंने पारिवारिक समस्याओं के चलते इस्तीफा दिया है। उनके नाम की आईडी से सहारनपुर में निजी अस्पताल संचालित होने के बारे में उन्होंने जानकारी होने से इंकार किया है।
मरीजों के नेत्र ऑपरेशन फिर हुए बंद
शामली। जिला अस्पताल में माइक्रोस्कॉप मशीन न होने से मरीजों के आंखों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे थे। करीब दो माह पहले पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल के प्रयास से टिकौला शुगर मिल की तरफ से माइक्रोस्कॉप मशीन उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद से मरीजाें के ऑपरेशन किए जा रहे थे। अब नेत्र सर्जन डॉ. शबीब के इस्तीफा देने से मरीजों की आंखों के ऑपरेशन नहीं हो सकेंगे। सीएमएस का कहना है कि शासन को नेत्र सर्जन की नियुक्ति के लिए मांग पत्र भेजा जाएगा।