शामली। श्रीराम कथा की अमृत वर्षा करते हुए संत प्रवर विजय कौशल जी महाराज ने कहा कि भगवान को आप जिस रूप में देखना चाहते हैं, प्रभु उसी रूप में आ जाते हैं। मगर बुलाने में समर्पण, प्रेम और भाव होना जरूरी है।
माजरा रोड पर नवीन मंडी स्थल में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल ने संत प्रवर विजय कोशल महाराज का तिलक किया। यजमानों में विनोद सिंघल, विनीत संगल, वेदपाल ठेकेदार, शिखर मित्तल, विजय संगल आदि ने कथावाचक को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
संत विजय कौशल महाराज ने कहा कि भगवान शंकर जी मां पार्वती को श्रीराम कथा सुनाते हैं तो मां पार्वती को आनंद आता है। जो कथा सुनता है, उसका कल्याण होता है। भगवान को तो भक्ति भाव, प्रेम और समर्पण से ही बुलाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो भक्त जितना सहज और शांत होता है, प्रभु उसके लिए उतने ही सहज हो जाते हैं। भगवान शिव हमेशा शांत रहते हैं। वह भगीरथ द्वारा गंगा को धरती पर लेकर आए। उन्होंने भक्तों का कल्याण किया।
संत प्रवर ने कहा कि बेटी का सम्मान करो, ऐसा करने से लक्ष्मी जी की कृपा होती है। उन्होंने कहा कि ध्यान की समाधि और भजन की समाधि अलग अलग नहीं है। समाधि का मतलब हमारा अपने कार्य भी सुचारू रूप से चलते रहें और मन भगवान में रमा रहे। इस दौरान श्रीपाल गोयल, रविकांत गर्ग, मुकेश गर्ग, सुनील अरोड़ा, गौरव गोयल, प्रमोद कुमार, अजय संगल आदि मौजूद रहे। उधर, विजय कौशल जी ने रविवार सुबह हनुमान धाम पर यज्ञ किया। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान मंदिर समिति के प्रधान सलिल द्विवेदी, पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल, ब्लाक प्रमुख पति जयदेव मलिक, श्रीनिवास, रविकांत गर्ग, संजय, राकेश आदि मौजूद रहे।