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अधूरी तैयारियों के बीच प्रयोगात्मक परीक्षा में शामिल हो रहे विद्यार्थी

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शामली। शासन के निर्देश पर कॉलेजों में प्रयोगात्मक परीक्षा शुरू हो गई हैं। हालांकि विद्यार्थी आधी-अधूरी तैयारियों के बीच प्रयोगात्मक परीक्षा देने को मजबूर हैं। इसकी वजह ये है कि कोरोना काल में कॉलेज बंद रहे। अक्तूबर में कॉलेज खुले तो प्रयोगात्मक कक्षाएं पूरी तरह नहीं चल सकीं। आधे से भी अधिक विद्यार्थी कॉलेज ही नहीं पहुंचे। जिस कारण वे प्रयोगात्मक कक्षाओं में शामिल नहीं हो सके। प्रयोगात्मक परीक्षा की तैयारी को लेकर शनिवार को विद्यार्थियों से बातचीत की गई। पेश है रिपोर्ट...
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प्रयोगात्मक कक्षाएं न चलने से पूरी तैयारी नहीं
राष्ट्रीय किसान इंटर कॉलेज शामली में फिजिक्स की प्रयोगात्मक परीक्षा देकर घर लौट रहे इंटरमीडिएट के छात्र शिवम और पंकज ने बताया कि कोरोना के कारण कॉलेज बंद रहे। कॉलेज खुलने पर भी अधिकतर छात्र कॉलेज नहीं आए। जिससे प्रयोगात्मक कक्षाएं नहीं चलीं। करीब एक सप्ताह पहले उन्हें आधी अधूरी तैयारी कराई गई है।
कॉलेज खुलने पर चलीं कक्षाएं
श्री जैन कन्या इंटर कॉलेज शामली में 12वीं की छात्रा अलीशा, महविश और इशा मंसूरी ने बताया कि अक्तूबर में प्रयोगात्मक कक्षाएं चली हैं। जिनमें अध्यापिकाओं ने प्रयोगात्मक परीक्षा की तैयारी कराई है। हालांकि पिछले सालों के मुकाबले तैयारी कम हो सकी है।
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न के बराबर चलीं प्रयोगात्मक कक्षाएं
वीवी इंटर कॉलेज शामली के इंटरमीडिएट के छात्र शाहिद और सावंत ने बताया कि उनकी भूगोल की प्रयोगात्मक परीक्षा होनी है। उनका कहना है कि वे कॉलेज में कम आए और प्रयोगात्मक कक्षाएं भी न के बराबर चली हैं। इस कारण प्रयोगात्मक परीक्षा की तैयारी पूरी नहीं हो सकी है।
इनका कहना है कि
श्री जैन कन्या इंटर कॉलेज शामली की प्रधानाचार्या डॉ. रुचिता ढाका ने बताया कि कोरोना कम होने पर अक्तूबर में दो शिफ्ट में कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को कॉलेज बुलाना शुरू किया। तभी से प्रयोगात्मक क्लास शुरू की गई थीं। पूरे साल का कार्य तीन माह में कराया। इससे प्रयोगात्मक परीक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हुई है।
कक्षाओं से रहे वंचित छात्र
राष्ट्रीय किसान इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य कैप्टन लोकेंद्र सिंह का कहना है कि कॉलेज खुलने के बाद प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू की गई थीं। कुछ विद्यार्थी कॉलेज में नियमित रूप से नहीं आ पाए, इससे परीक्षा की तैयारियों पर असर पड़ा है।
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