शामली। जिलेभर में चारों ओर अब बम-बम का जयकारा है। मार्गाें पर केसरिया सैलाब के साथ बोल बम, बम-बम के जयघोष के साथ शिवभक्तों ने जल लेकर अपने अपने गंतव्य की ओर बढ़ना शुरू कर दिया। शुक्रवार से बाइकों से कांवड़ और जल लेकर जाने वाले शिवभक्तों ने हरिद्वार जाना शुरू कर दिया।
आगामी 2 अगस्त को शिवरात्रि का पर्व है। 22 जुलाई से जिलेभर में कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है। कांवड़िये बोल-बम, बम-बम के जयघोष के साथ आगे बढ़ रहे हैं। शहर के कैराना रोड, झिंझाना करनाल मार्ग से होकर शिवभक्त जा रहे हैं। शिवभक्तों की सुरक्षा के मद्देनजर फव्वारा चौक, वर्मा मार्केट के सामने, धीमानपुर फाटक, रेलवे रोड, सहारनपुर मुजफ्फरनगर तिराहे पर फोर्स तैनात की गई है। बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी कांवड़ लाकर भगवान शिव का गुणगान करते हुए चल रहे हैं।
उधर, देर शाम एसपी राम सेवक गौतम ने फव्वारा चौक, कैराना में कांवड़ मार्गों का जायजा लिया। मातहतों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भिवानी के किशोर पहुंचे कांवड़ लेकर
भिवानी के छह किशोर भी परिवार में सुख शांति के लिए हरिद्वार से कांवड़ लेकर पहुंचे। कहा कि पिछले दो साल से कांवड़ लेकर आ रहे हैं। 2 अगस्त को भिवानी में जाकर जलाभिषेक करेंगे।
दो-दो भाई कंधे से कंधा मिलाकर ला रहे 120-120 किलो की कांवड़
कोई शादी तो कोई माता पिता की सुख-शांति के लिए ला रहा कांवड़
संवाद न्यूज एजेंसी
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शामली। शहर से होकर निकलने वाले कांवड़ियों में कोई माता पिता की सुख-शांति के लिए कांवड़ लेकर आने वाला मिल रहा है तो कोई शादी न होने पर कांवड़ ला रहा है।
शुक्रवार को शहर में कई कांवड़ जोड़े में देखने को मिली। जिसमें कोई 121 किलो गंगाजल तो कोई 151 किलो गंगाजल लेकर हरिद्वार से अपने गंतव्य की ओर जाते दिखाई दिए। वर्मा मार्केंट के पास दो सगे भाई कंधे से कंधा मिलाकर 120 किलो जल लेकर मिले। पूछने पर बताया कि वह हरियाणा के चरखरी-दादरी के रहने वाले है। बड़े का नाम शिवेंद्र व छोटे का नाम देवेंद्र है। उन्होंने यह कांवड़ अपने माता पिता की सुख-शांति के लिए लेकर आए है। वहीं दूसरी कांवड़ मामा और फूफी के दो भाई कंधे से कंधा मिलाकर 151 किलो जल लेकर अपने गांव संभालका जाते हुए मिले, पूछने पर बताया कि वह शादी के लिए कांवड़ लेकर आए है।