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Shamli News: पाैधरोपण का सच... मां के नाम पर रोपे गए पौधे भी बेसहारा छोड़े

Sun, 26 Jul 2026 01:07 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली कुड़ाना मार्ग पर गांव सेहंटा के पास सड़क किनारे रोपित सूखा पड़ा पौधा। संवाद
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शामली। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से जिलेभर में चलाए गए एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत लाखों पौधे रोपित कर उनकी देखभाल के दावे तो हजार किए गए लेकिन वर्तमान परिवेश की तरह ही इन पौधों को भी बेसहारा ही छोड़ दिया गया।
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अब कहीं पौधे सूख चुके हैं तो कहीं उनकी जगह केवल गड्ढे रह गए हैं। कुछ स्थानों पर पौधे बारिश के कारण अवश्यक ही हरे-भरे दिखाई दिए। पड़ताल में पौधरोपण के पौधे की हालत बेहद खराब मिली।
n कुड़ाना सिसौली मार्ग व पीएमश्री विद्यालय : गांव भैंसवाल स्थित पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में पौधरोपण अभियान के तहत परिसर में डीएम और राज्यमंत्री द्वारा पौधरोपण किया गया था। परिसर में मौके पर तीन से चार पौधे सूख चुके हैं। शामली कुड़ाना सिसौली मार्ग पर सदर विधायक और वन विभाग द्वारा पौधरोपण किया गया था। यहां सड़क किनारे 10 से 15 पौधे सूखे हुए मिले।
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n हसनपुर लुहारी का राजकीय इंटर कॉलेज परिसर : कॉलेज परिसर में लगाए गए 96 पौधों में से पांच पौधे सूखे मिले। वहीं अमृत सरोवर परिसर में कई पौधे गायब मिले और उनके स्थान पर केवल गड्ढे दिखाई दिए। पर्यावरण प्रेमी विशांत ने बताया कि पौधारोपण के बाद नियमित सिंचाई और संरक्षण नहीं होने से पौधे सूख गए, जबकि कुछ पूरी तरह नष्ट हो गए।
n थानाभवन में बारिश से बचे पौधे : नगर पंचायत की ओर से ऊन रोड, बिजलीघर, मेला ग्राउंड, मुक्ति धाम रोड, चरथावल तिराहे और कब्रिस्तानों समेत विभिन्न स्थानों पर करीब 2,900 पौधे लगाए थे। स्थानीय लोगों अनीस अहमद, गुलजार, जुनेद और शुबेव ने बताया पौधारोपण के बाद नगर पंचायत का कोई कर्मचारी या जनप्रतिनिधि पौधों की सुध लेने नहीं पहुंचा। कुछ पौधे सूख चुके हैं। जबकि कई स्थानों पर केवल बारिश की बदौलत ही पौधे बचे हुए है।
n चौसाना में खोखरी नदी का बांध : 13 जुलाई को खोखरी नदी के बांध पर ग्राम पंचायत चौसाना जदीद ने मनरेगा के तहत करीब 400 पौधे लगाए। पड़ताल में अधिकांश पौधे सूखे मिले। हाल की बारिश से कुछ पौधों को राहत मिली, लेकिन समय पर सिंचाई और संरक्षण के अभाव में बड़ी संख्या में पौधे नष्ट हो चुके हैं।
n कैराना में रामड़ा बाईपास : सड़क किनारे लगाए गए 20 से अधिक पौधे नष्ट मिले। वहीं आर्यपुरी बाईपास के डिवाइडर में लगाए गए करीब 100 पौधों में अधिकांश बारिश के कारण सुरक्षित मिले। स्थानीय लोगों के अनुसार यदि समय पर बारिश नहीं होती तो बाकी पौधों को बचाना मुश्किल हो जाता।
n कांधला की नहर पटरी : नहर पटरी, कैराना बाईपास और गंगेरू रोड पर लगाए गए करीब 200 पौधों में से कई पौधे सूख चुके हैं। कुछ पौधे उखड़े हुए मिले। नहर पटरी पर कई पौधे वाहनों की पार्किंग से भी क्षतिग्रस्त मिले।

शामली कुड़ाना मार्ग पर गांव सेहंटा के पास सड़क किनारे रोपित सूखा पड़ा पौधा। संवाद

शामली कुड़ाना मार्ग पर गांव सेहंटा के पास सड़क किनारे रोपित सूखा पड़ा पौधा। संवाद

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