सब्सिडी के बाद भी शामली मिल पर रह जाएगा बकाया
शामली। शुगर मिलों को चीनी निर्यात सब्सिडी मिलनी शुरू हो गई है। जिले की तीन में से दो शुगर मिलों को कुल 83.52 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिलनी है। इसमें से ऊन मिल को 15.98 करोड़ रुपये मिल भी गए हैं। पूरी सब्सिडी मिलने के बाद भी शामली शुगर मिल पर पिछले वर्ष का बकाया रह जाएगा जबकि थानाभवन मिल को सब्सिडी नहीं मिलेगी।
भारत सरकार ने पिछले दिनों शुगर मिलों को चीनी की निर्यात सब्सिडी देने की घोषणा की थी। जिले की ऊन, शामली और थानाभवन चीनी मिलों में से केवल ऊन और शामली ही चीनी का निर्यात करती है। इसलिए इन्हीं मिलों को सब्सिडी मिलनी है। दोनों शुगर मिलों को 83.97 करोड़ की निर्यात सब्सिडी मिलनी है। इसमें से ऊन शुगर मिल को 15.98 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिल भी चुकी है जबकि 33.97 करोड़ रुपये और मिलने हैं। शामली मिल को अभी सब्सिडी नहीं मिली है। इस मिल को 33.57 करोड़ रुपये मिलने हैं। यह राशि सीधे किसानों के खातों में गन्ना मूल्य भुगतान के रूप में भेजी जानी है।
पूरी सब्सिडी मिलने के बावजूद शामली शुगर मिल पर पिछले पेराई सत्र का लगभग 10 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया रह जाएगा जबकि ऊन चीनी मिल का पिछला पुराना भुगतान हो जाएगा। थानाभवन मिल को सब्सिडी नहीं मिलनी है इसलिए उसके बकाया पर सब्सिडी से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर ने बताया कि चीनी मिलों को मिलने वाली सब्सिडी सीधे किसानों के खातों में भुगतान के रूप में भेजी जाएगी। इसी माह निर्यात सब्सिडी मिलने की उम्मीद है।
तीनों मिलों पर 122 करोड़ का पिछला बकाया
जिले की तीनों मिलों पर पिछले पेराई सीजन का करीब 122 करोड़ रुपये का बकाया है। शामली मिल पर 44 करोड़ और ऊन मिल पर 23 करोड़ का बकाया है। निर्यात सब्सिडी के शामली मिल को कुल 33.57 करोड़ रुपये मिलने हैं। ऊन शुगर मिल पर 23 करोड़ बकाया है जबकि सब्सिडी 33.97 करोड़ रुपये की मिलनी है। इस राशि से शुगर मिल का पुराना बकाया भुगतान होने के बावजूद धनराशि बच जाएगी।
शुगर मिलों को मिलेगी निर्यात सब्सिडी और पिछले वर्ष का बकाया भुगतान
मिल निर्यात सब्सिडी पिछले वर्ष का बकाया
ऊन 33.97 करोड़ 23
शामली 33.57 करोड़ 44
थानाभवन 00 55