शामली। राष्ट्रीय कोविड सुपर मॉडल समिति ने साल 2022 की शुरूआत में कोरोना की तीसरी लहर की संभावना जताई है। कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों को ऑक्सीजन संकट का सामना करना पड़ा था। इस बार कोरोना की तीसरी संभावित लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी पहले से ही शुरू कर दी है। ऑक्सीजन जिले में इस बार सात ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि सभी ऑक्सीजन प्लांट का ट्रायल हो चुका है। इस बार कोरोना के संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी।
कोरोना की दूसरी लहर ने कहर बरपाया था। दूसरी लहर में कोरोना संक्रमितों के सामने सबसे बड़ी समस्या ऑक्सीजन की सामने आई थी। आक्सीजन की कमी होना भी लोगों की मौत होने की वजह बना था। अब राष्ट्रीय सुपर मॉडल समिति ने साल 2022 के शुरूआत में कोरोना की तीसरी लहर की संभावना जताई है। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन को इस तीसरी लहर का कारण बताया जा रहा है। तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने तैयारी होने का दावा किया है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि संभावित कोरोना की तीसरी लहर को लेकर तैयारी की गई है। जिले में सात ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। सभी ऑक्सीजन प्लांट का ट्रायल हो चुका है और सभी चालू हालत में है। इनमें चार प्लांट जिला अस्पताल में लगे हैं। इसके अलावा कांधला, झिंझाना और थानाभवन सीएचसी पर भी एक-एक ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। इसके अलावा 76 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 144 बी टाइप और 74 डी टाइप ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध है। सीएमएस का दावा है कि इस बार ऑक्सीजन का संकट नहीं होगा।
ये है तीसरी लहर को लेकर तैयारी
जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट:
- एक ऑक्सीजन प्लांट एक हजार एलपीएम क्षमता
- एक ऑक्सीजन प्लांट 333 एलपीएम क्षमता का
- दो ऑक्सीजन प्लांट 45-45 एलपीएम क्षमता
- जिला अस्पताल में फ्लोमीटर - 80
- जिला अस्पताल में पल्स ऑक्सीमीटर - 40
- कांधला सीएचसी पर 250 एलपीएम क्षमता
- झिंझाना सीएचसी पर 250 एलपीएम क्षमता
- थानाभवन सीएचसी पर 250 एलपीएम क्षमता
- ऑक्सीजन कंसंट्रेटर - 76
- बी टाइप सिलिंडर - 144
- डी टाइप जंबो सिलिंडर - 74