शामली। ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और अन्य कार्यों के लिए आवेदकों से अवैध वसूली तथा एआरटीओ कार्यालय में दलालों के हस्तक्षेप के मामले को लेकर प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम आलोक यादव ने पूरे प्रकरण का ब्योरा तलब कर एआरटीओ में दलालों के प्रवेश के प्रतिबंध के निर्देश दिए है। वहीं, एआरटीओ ने कार्यालय परिसर में सक्रिय दलालों के खिलाफ अभियान चलाया, जिसके बाद कई दलाल मौके से भाग गए।
अमर उजाला ने 10 से 15 जून तक एआरटीओ में चल रहे दलालों के खेल और कर्मचारियों से मिलीभगत को प्रमुखता के साथ किया। खबरों में बताया गया था कि किस प्रकार दलालों के हस्तक्षेप के बिना अधिकांश कार्य नहीं हो रहे थे और आवेदकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा था।
खबरों के प्रकाशन के बाद प्रशासन में खलबली मची है। डीएम आलोक यादव ने बताया कि पूरे मामले का ब्योरा तलब किया गया है। एआरटीओ कार्यालय के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच कराई जा रही है जिसमें कर्मचारियों की दलालों से गठजोड़ की भी जांच होगी।
उधर, एआरटीओ प्रवेश कुमार ने कार्यालय परिसर में सक्रिय दलालों के खिलाफ अभियान चलाया। कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई दलाल अपने ठिकाने छोड़कर भाग गए। एआरटीओ ने कहा कि दलालों का प्रवेश रोकने के लिए कार्यालय के मुख्य गेट पर एक गार्ड की तैनाती भी की जाएगी। कहा कि पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।