शामली। कंडेला औद्योगिक क्षेत्र में 3.5 किमी लंबाई का नाला चॉक होने से उद्यमियों की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उद्यमी ओपन नाला बनाने की मांग कर रहे हैं। डीएम अरविंद कुमार सिंह चौहान जिले के उद्यमियों और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ निरीक्षण कर चुके हैं। मगर समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा।
45 साल पहले कंडेला औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया गया था। औद्योगिक क्षेत्र में पानी की निकासी के लिए पूर्वी यमुना नहर खंड के पुल से लेकर कंडेला औद्योगिक क्षेत्र तक वर्ष 2014 में बंद नाले का निर्माण पांच करोड़ 99 लाख 98 हजार रुपये की लागत से कराया था। 3.5 किमी लंबाई का नाला निर्माण कराने में 10-15 फुट गहरा पाइप डाला गया है। पिछले कई सालों से आए दिन नाला जाम होने से कंडेला औद्योगिक क्षेत्र की ओद्योगिक इकाइयों में जल भराव हो रहा है। जिससे उद्यमियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
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n जिला उद्योग बंधु की बैठक में भी उठ चुका मुद्दा : कंडेला औद्योगिक क्षेत्र का बंद नाला चॉक होने और ओपन नाला बनाए जाने की मांग जिले के उद्यमी डीएम की अध्यक्षता में जिला उद्योग बंधु की बैठक उठा चुके हैं। उद्यमियों की मांग पर डीएम अरविंद कुमार चौहान कैराना एसडीएम की अध्यक्षता में गठित टीम औद्याेगिक क्षेत्र के बंद नाले का मौका मुआयना कर चुके हैं। बाद में उद्यमियों के साथ डीएम-उद्यमियों के साथ नाले का स्थलीय निरीक्षण करके तत्कालीन नाले की सफाई कराने के लिए जल निगम को निर्देश दे चुके हैं।
आईआईए के चेयरमैन आशीष जैन का कहना है कि पानीपत रोड पर एक रिसोर्ट के पास औद्याेगिक नाले का निरीक्षण के दौरान चाॅक होना पाया गया। साईमा और लघु उद्योग भारती के चेयरमैन अंकित गोयल ने बताया कि चाॅक नाला के बदले जिले के उद्यमी पूर्वी यमुना नहर पुल से लेकर कंडेला औद्याेगिक क्षेत्र तक ओपन नाले की मांग कर चुके हैं। मगर समाधान नहीं किया जा रहा।
उद्यमी अनुज का कहना है कि नाला चॉक की समस्या से जल्द से जल्द निजात मिलनी चाहिए। अमित जैन का कहना है कि जलभराव के कारण परेशानी होती है।