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काफी हुआ, कुछ कार्य रहे अधूरे

Sun, 18 Mar 2018 11:47 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली।
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policital - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। प्रदेश में भाजपा की सरकार को बने एक साल हो गया। इस दौरान जिले में कई कार्य हुए। सड़कें गड्ढामुक्त हुई, तो नई सड़कों का निर्माण हुआ। वहीं, पुरानी कुछ योजनाएं बजट के अभाव में अधूरी रह गईं। विकास के नजरिये से देखा जाए, तो मेेरठ- करनाल के बिड़ौली से लेकर चौसाना, गंगोह,नुकड़, सहारनपुर तक फोरलेन को सैद्धांतिक स्वीकृत मिली।
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दो करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से शामली रेलपार बाईपास का निर्माण हुआ। मेरठ करनाल को जोड़ने वाली रेलपार रजवाहे की पटरी और दिल्ली- यमुनोत्री मार्ग से लेकर पानीपत खटीमा मार्ग का सीसी रोड का निर्माण कराया गया। थानाभवन में 4 करोड़ 72 लाख रुपये की लागत से गेस्ट हाउस स्वीकृत हुआ है। इसके अलावा भैंसवाल -सहारनपुर मार्ग मिनी बाईपास के लिए किश्त जारी होने पर निर्माण में तेजी आई। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह ने बताया कि जिले में 92 किलोमीटर लंबाई की सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया। 147 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का नवीनीकरण हुआ, तो 69 किलोमीटर लंबाई की सड़कों की विशेष मरम्मत के लिए धनराशि स्वीकृत हुई।  धनराशि के अभाव में विकास भवन, कलक्ट्रेट मुख्यालय का निर्माण अधर में लटका रह गया।

 राजस्थान के शहरों के लिए चली 23 रोडवेज बसें
यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा दिए जाने के लिए वेस्ट यूपी के सहारनपुुर, शामली, मुजफ्फरनगर जिलों से राजस्थान के बालाजी,अजमेर, जयपुर, पुष्कर, समेत दर्जनों शहरों के लिए 23 रोडवेज बसों के लिए संचालन शुरु हुआ। उम्मीद है कि हरियाणा- पंजाब के 20 जिलों के लिए सहारनपुर- मेेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली जिलो की यूपी रोडवेज दौड़ेगी।
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बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई में जुटी रही पुलिस
एक साल पूर्व जिले में बढ़ते अपराध के कारण लोगों में दहशत का माहौल था। सत्ता परिवर्तन के बाद बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई प्रारंभ हुई, तो शामली जिले में ताबड़तोड़ एनकाउंटर हुए। छह बदमाशों को एनकाउंटर में मार दिया गया, तो 100 से ज्यादा बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। खासकर मुकीम काला गिरोह की कमर तोड़ने के लिए पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की। मुकीम काला गिरोह के शातिर बदमाश साबिर जंधेड़ी का एनकाउंटर हुआ।

-- शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए हुए प्रयास
जिले में शिक्षा के स्तर में सुधार को लेकर कई प्रयास हुए। पांच राजकीय इंटर कॉलेज इसी शैक्षिक सत्र में एक अप्रैल से प्रारंभ होने जा रहे हैं। इसके अलावा बीएसए कार्यालय का नए भवन में संचालन प्रारंभ हुआ। जिले के 40 परिषदीय विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू कराने की कवायद हुई, तो कई स्कूलों में बच्चों को खाना खाने के लिए बेंच की व्यवस्था हुई।

प्रदेश की छवि सुधरी : राणा
 गन्ना विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा का कहना है कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का एक साल बेमिसाल रहा है। प्रदेश की छवि आज पूरे देश में विकास और विश्वास की बनी है। विकास में नई ऊंचाइयों को छुआ है। चाहे किसानों का मामला हो या इंवेस्टर्स मीट के जरिये उद्योगों का और कानून व्यवस्था का। हर विषय में इस सरकार ने नए आयाम स्थापित किए हैं। जिला शामली में तीन राजकीय इंटर कॉलेज, तीन नए बिजलीघर, 400 केवी बिजलीघर निर्माण की तैयारी और पूरे जिले में पीडब्लूडी और गन्ना विभाग द्वारा 86 सड़कों का निर्माण हो रहा है। पलायन के लिए पूरे देश में चर्चित कैराना में कानून व्यवस्था को दुरुस्त किया। समाज के हर व्यक्ति को सुरक्षा देने का काम किया गया है।
शामली से भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल का कहना है कि एक साल पूर्व कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि ऐसा प्रदेश होगा, आज परिवेश बदला है, अपराध घटा है। अच्छा और सुरक्षित माहौल प्रदेश की जनता को मिला है, जो उद्यमी अपराधियों के

डर से प्रदेश छोड़कर जा रहे थे, अब प्रदेश में लौट रहे हैं। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता प्रशासन पर हावी होकर मनमानी कराते थे, लेकिन योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में व्यवस्था बदली है। बहुत सी योजनाएं गरीबों के लिए संचालित हुई।
- रालोद जिलाध्यक्ष योगेंद्र सिंह चेयरमैन का कहना है कि लोगों को झूठे आश्वासन देकर एक साल निकाल दिया। गन्ना किसानों को भुगतान का वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ।

फसलों का लाभकारी मूल्य भी नहीं मिला। सड़कें गड्ढामुक्त नहीं हो पाई। बकाया बिजली बिल के नाम पर किसानों का उत्पीड़न हो रहा है।
- बसपा जिलाध्यक्ष सुनील जाटव का कहना है कि प्रदेश सरकार अपने वादों को ही पूरा नहीं कर पाई। प्रदेश की जनता को सिर्फ बातों के सहारे गुमराह किया जा रहा है। युवा बेरोजगारी से घिरे हैं, तो व्यापारी, किसान और मजदूर भी त्रस्त हैं।
- सपा नेता एवं उत्तर प्रदेश योजना आयोग के पूर्व सदस्य प्रोफेसर सुधीर पंवार का कहना है कि भाजपा का जो संकल्प पत्र था, उसे भुला दिया। प्रधानमंत्री ने वादा किया था किसानों के लिए एक हजार करोड़ का चौधरी चरण सिंह कल्याण कोष बनाएंगे,
गन्ना मूल्य का 14 दिन में भुगतान और संपूर्ण कर्जमाफी करेंगे, कसौटी पर कसा जाए, तो राज्य सरकार हर मुद्दे पर फेल नजर आती है। प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
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