कैराना (शामली)। गांव बराला में बिजली चोरी की जांच करने पहुंची विद्युत विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। सरकारी दस्तावेज फाड़ते हुए पथराव कर एसडीओ की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। टीम ने किसी तरह मौके से भागकर जान बचाई। इस मामले में पुलिस ने सात नामजद और 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। उधर, लोगों ने टीम पर आए दिन छापे के नाम पर परेशान करने का आरोप लगाया है।
सोमवार रात करीब 10 बजे खेडीकरमू विद्युत केंद्र के एसडीओ अमित कुमार शाक्य, कसेरवा कला विद्युत केंद्र के अवर अभियंता प्रदीप चौहान और नीतीश कुमार टीम के साथ गांव बराला में एक सूचना के आधार पर बिजली चोरी की जांच करने पहुंचे थे। टीम में संविदा लाइनमैन आजम, सत्येंद्र और सागर भी शामिल थे। जांच के दौरान टीम को मतलूब के मकान में बिजली चोरी मिली, जिसकी वीडियोग्राफी कराई जा रही थी। इसी दौरान कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और जांच का विरोध करते हुए टीम के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
आरोप है कि ग्रामीणों ने सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए और टीम पर हमला बोलते हुए ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। पथराव में एसडीओ की गाड़ी के शीशे टूट गए। अचानक हुए हमले से टीम में अफरातफरी मच गई। विद्युत कर्मियों को मामूली चोटें भी आईं।
टीम ने डायल 112 पर सूचना देने के बाद किसी तरह मौके से भागकर जान बचाई। इसके बाद देर रात कोतवाली पहुंचकर घटना की जानकारी पुलिस को दी गई।
अवर अभियंता प्रदीप चौहान की तहरीर पर पुलिस ने मतलूब के पुत्र कादिर, आरिफ, उसके छोटे भाई खान, उसके छोटे भाई नसीम और सादीन निवासी बराला और 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, हमला करने, सरकारी कागजात फाड़ने और तोड़फोड़ करने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उधर, ग्रामीण कादिर और अन्य का कहना है कि टीम की गाड़ी तोड़ने का आरोप बेबुनियाद है। टीम छापे के नाम पर लोगों को परेशानी करती है। जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की जाएगी।