शामली। डेंगू के मरीजों के रक्त सैंपल की एलाइजा जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग को दूसरे जिले पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अब जिला अस्पताल में इस जांच सुविधा शुरू हो गई है। जिला अस्पताल में हुई 27 मरीजों के सैंपल की एलाइजा जांच में किसी मरीज में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है।
सरकारी और निजी अस्पतालों में कार्ड से जांच में डेंगू के संभावित मरीज सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग मरीज के रक्त के सैंपल की एलाइजा जांच को ही पुष्ट मानता है। पिछले सालों में जिले में एलाइजा जांच की सुविधा न होने के कारण डेंगू के लक्षण वाले संभावित मरीजों के सैंपल जांच के लिए पहले मेरठ मेडिकल भेजे जाते थे। इसके बाद सहारनपुर भेजे जा रहे थे। वहां से जांच रिपोर्ट आने में मरीजों को कई दिन इंतजार करना पड़ता था, तब तक लक्षण के आधार पर ही मरीज का उपचार किया जाता था। अब डेंगू के मरीजों को एलाइजा जांच जिला अस्पताल में शुरू हो गई है। अब मरीज को जांच रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जांच रिपोर्ट अब मरीज को जल्द उपलब्ध होगी, जिसके आधार पर सही उपचार भी मिलेगा। महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. शाइस्ता नाज ने बताया कि जिला अस्पताल में डेंगू की एलाइजा जांच की सुविधा शुरू हो गई है। मंगलवार को कार्ड से जांच में संभावित डेंगू के 16 मरीजों के और बुधवार को 11 मरीजों के रक्त की सैंपल की एलाइजा जांच की गई। किसी भी सैंपल में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है।
जलालपुर में एंटी लार्वा कीटनाशक का कराया छिड़काव
शामली। स्वास्थ्य विभाग को शामली क्षेत्र के गांव जलालपुर में बुखार के मरीजों की संख्या अधिक होने की सूचना मिली थी। बुधवार को जिला मलेरिया विभाग की टीम गांव में पहुंची और बुखार के मरीजों की जानकारी ली। टीम में प्रयोगशाला सहायक अवधेश वाड़ेकर ने बताया गांव में बुखार के तीन मरीज सामने आए। उनके घर जाकर जानकारी ली गई। उनके आसपास एंटी लार्वा कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया गया। ग्राम प्रधान को गांव में छिड़काव कराने के लिए दवा उपलब्ध कराई गई है। संवाद