शामली कैराना रोड पर अधिक्षंण अभियंता के कार्यालय पर धरने पर बैठे विद्युत विभाग के कर्मचारी
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विद्युत निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हुंकार भरी
शामली। जिले के बिजली अधिकारियों- कर्मियों ने पावर कारपोरेशन विभाग के एसई कार्यालय पर एक घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि निजीकरण से आम जनता का कोई हित नहीं होगा। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मंगलवार को कैराना रोड स्थित करमूखेड़ी बिजलीघर में अधीक्षण अभियंता जेके पाल के कार्यालय में उत्तर प्रदेश विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति जिले की शाखा की ओर से शाम चार बजे से लेकर शाम पांच बजे तक एक दिवसीय सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए धरना दिया गया। जिले के बिजली कर्मियों ने प्रधानमंत्री- केंद्रीय ऊर्जा मंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसई कार्यालय को सौंपकर उनकी मांगों को पूरा करने की मांग की है। धरनारत बिजली कर्मचारियों ने ज्ञापन में कहा कि केंद्र सरकार ने निजीकरण के बाद उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली देने के वादे को खारिज कर दिया है। ऊर्जा विभाग का निजीकरण किसानों व आम घरेलू उपभोक्ताओं के साथ धोखा है। निजीकरण के बाद बिजली की दरों में बेतहाशा वृद्धि होगी। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण किसी प्रकार प्रदेश की आम जनता के हित में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया गया कि निजी कंपनियां मुनाफे के लिए काम करती हैं, जबकि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम बिना भेदभाव के किसानों-गरीब उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति कर रहा है। निजी कंपनियां अधिक राजस्व वाले वाणिज्यिक और उपभोक्ताओं को प्राथमिकता पर बिजली देगी। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव हर हाल में रद्द किया जाना चाहिए। सांकेतिक धरने में अधिशासी अभियंता रविंद्र प्रताप सिंह, उदय प्रताप सिंह, राजपाल रघुवंशी, नेकीराम, एसडीओ ब्रजमोहन, भूषण, रवि, जेई में भानू प्रताप सिंह, अजय शर्मा, सिकंदर यादव, कार्यालय लिपिक में ललित, जोगेंद्र सैनी, सतेंद्र कुमार , अवधेश सैनी, शिवकुमार, अमित कुमार आदि मौजूद रहे।