झिंझाना। मेरठ-करनाल हाईवे स्थित वृद्धाश्रम में रविवार देर शाम बुजुर्ग चरण सिंह (70) की बीमारी में निधन हो गया। बुजुर्ग के शव के अंतिम संस्कार के लिए मिलने वाली धनराशि के लिए 19 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। धनराशि मिलने पर दोपहर दो बजे शव का अंतिम संस्कार किया गया। केयर टेकर अपने खर्च पर शव को अंतिम संस्कार के लिए शामली श्मशान घाट ले ले गए, लेकिन अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी आदि खरीदने के लिए रुपये न होने से शव को वापस वृद्धाश्रम लाना पड़ा। बाद में विभागीय अधिकारियों द्वारा धनराशि खाते में भेजने के बाद शव का अंतिम संस्कार किया जा सका।
वृद्धाश्रम के केयर टेकर दीपक कुमार ने बताया कि चरण सिंह 2023 में शामली रेलवे स्टेशन से लावारिस हालत में मिले थे। उन्हें वृद्धाश्रम में भर्ती कराया गया था। रविवार शाम करीब सात बजे बीमारी के चलते चरण सिंह मौत हो गई थी। वे अपने खर्च पर शव को वाहन से शामली ले गए, लेकिन विभाग की तरफ से धनराशि नहीं मिलने के कारण शव को वापस वृद्धाश्रम लाना पड़ा। करीब 19 घंटे बाद अधिकारियों ने अंतिम संस्कार की धनराशि उनके खाते में भेजी, जिसके बाद शव को सोमवार दोपहर बाद फिर शामली जाकर श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया।
वृद्धाश्रम की संचालिका बेबी रानी ने बताया कि वह छुट्टी पर घर गई हुई थी। शव के अंतिम संस्कार के लिए रुपये आने में कुछ देरी हुई। विभाग से धनराशि मिलने पर दोपहर करीब दो बजे शव का अंतिम संस्कार कराया गया है।