शामली। दिल्ली यमुनोत्री फोरलेन हाईवे के तहत शामली बाईपास के लिए ली जाने वाली भूमि के विवादित मामलों में मुआवजे की दर संशोधित कर दी गई है। जिला प्रशासन की ओर से संशोधित दरों की संस्तुति कर शासन को रिपोर्ट भेज दी है। इसके तहत आठ भूस्वामियों को संशोधित दरों का फायदा मिलेगा। वहीं, अन्य भूस्वामियों के मुआवजे की दर पहले की तरह रहेगी।
दिल्ली यमुनोत्री फोरलेन हाईवे के तहत बनने वाले शामली बाईपास के लिए 183 लोगों की भूमि के बैनामे होने थे। उनमें से 37 लोगों ने मुआवजे की दर में अनियमितता का आरोप लगाते हुए विरोध कर दिया था और बैनामे नहीं कराए थे। बाद में 37 में से 6 लोगों ने भी बैनामा करा दिया था, लेकिन 31 बैनामे अधर में लटक गए थे। मुआवजे का विवाद निपटाने के लिए ही पिछले दिनों उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण (उपसा) की टीम ने शामली पहुंचकर नए सिरे से स्थलीय निरीक्षण किया।
उपसा के महाप्रबंधक विजय शंकर चौधरी, एसडीएम एमपी सिंह, तहसीलदार उपसा देश दीपक सिंह, नायब तहसीलदार शैलेंद्र कुमार और प्रतीत त्रिपाठी, उपनिबंधक अमित कुमार, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता परशुराम शर्मा, उपसा के अवर अभियंता यूडी शर्मा निरीक्षण में शामिल रहे थे। इसके बाद भूस्वामियों से भी बातचीत की गई थी, जिसके चलते मुआवजे की दर में संशोधन किया जाना था। टीम ने ताजपुर सिंभालका के एक, बलवा के तीन, सेंहटा के सात, बनत के छह भूमि का मौके पर जाकर निरीक्षण किया था।
मालूम चला है कि जिला प्रशासन और उपसा की टीम ने संयुक्त रूप से वार्ता करके आठ भूस्वामियों के मुआवजे की दर में इजाफा करते हुए शासन को रिपोर्ट भेज दी है। वहीं, उपजिलाधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि इस संबंध में अंतिम निर्णय शासन स्तर पर होना है। स्थानीय स्तर से रिपोर्ट बनाकर मंडलायुक्त के माध्यम से शासन को भेज दी गई है।