कोरोना कर्फ्यू में ईद का त्योहार, कारोबार होगा प्रभावित
शामली। ईद के बाजार पर कोरोना संक्रमण का साया छाया हुआ है। कोरोना कर्फ्यू होने के कारण शहर भर की रेडीमेड और कपड़े की दुकानें बंद हैं। जिस कारण बिक्री पूरी तरह से ठप हैं। ऐसे में जिले के कारोबारियों सहित अन्य व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
पिछले साल 68 दिन के लॉकडाउन जिले के उद्यमी-व्यापारी कारोबार को झेल चुके हैं। जिले के व्यापारियों और उद्यमियों को 200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इस साल कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के बाद शासन ने मई में कोरोना कर्फ्यू की घोषणा की। जो लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को शासन ने एक सप्ताह का कोरोना कर्फ्यू और बढ़ा दिया। एक सप्ताह के कोरोना कर्फ्यू के दायरे में ईद का त्योहार आ रहा है। 14 मई को मनाई जाने वाली ईद के मौके पर कपड़ा, ज्वैलरी, मिठाई की दुकानें बंद रहेंगी। जिस कारण कारोबारियों को काफी नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
तीन दिन बिकती थीं 50 लाख की मिठाइयां
हनुमान रोड स्थित मिठाई विक्रेता अशुंल मित्तल का कहना है कि ईद पर मिक्स मिठाई, रसगुल्ला, बालूशाही, मूंग की लॉज, बत्तीसा, चंद्रकला, काजू बरफी की मिठाई की मांग रहती थी। जिले में 100 से ज्यादा मिठाई की दुकानें हैं। ईद के मौके पर तीन दिन तक 50 लाख की मिठाइयों का कारोबार हो जाता था। इस साल भी कोरोना कर्फ्यू के कारण मिठाई की दुकान बंद रहने कारोबार प्रभावित हो जाएगा।
कपड़ा कारोबार पर पड़ा असर
धीमानपुरा रोड स्थित रेडीमेड कपड़ा व्यापारी ब्रजेश गर्ग का कहना है कि रेडीमेड कपडे़ की 60-70 दुकानें हैं। ईद की चांद रात को दो करोड़ रुपये और दूसरे कपड़ों का पांच करोड़ का कारोबार हो जाता था। शहर के हनुमान रोड स्थित दूसरे कपड़ा व्यापारी नफीस अहमद, शहर कोतवाली रोड सतीश जैन का कहना है कि कोरोना कर्फ्यू में दुकानें बंद होने से उनका कारोबार प्रभावित हुआ है। ईद के मौके पर मुस्लिम परिवार कपड़ा खरीद कर सिलवाते थे। कपडे़ सिलाई की दुकानें बंद हो जाने से कपड़ा नहीं खरीद रहे हैं।
लॉकडाउन में सिमट गया था कारोबार
पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग का कहना है कि जिले का प्रतिदिन 80-85 करोड़ रुपये का कारोबार रहता था। कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद मई में लॉकडाउन के दौरान सिर्फ दस करोड़ रुपये का कारोबार रह गया है। ईद के मौके पर सिर्फ किराना और सब्जी की दुकानें खुलेंगी। ईद के मौके पर कपड़ा, ज्वैलरी, मिठाई की दुकानें बंद रहने से 65-70 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित रहेगा।