शामली। जनपद के 13 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी चौकसी के बीच उत्तर प्रदेश सेवा आयोग की पीसीएस-प्री परीक्षा संपन्न हुई। केंद्रों पर महिला अभ्यर्थियों की मुख्य गेट के बाहर ही अंगूठी-कुंडल और पायल उतरवाने के साथ ही सभी की रेटिना स्कैनिंग व बायोमीट्रिक और तलाशी लेते हुए प्रवेश दिया गया।
प्रथम पाली में 2033 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि द्वितीय पाली में 23 अभ्यर्थी कम होने पर 2010 ने परीक्षा दी। इस दौरान सुरक्षा चाक चौबंद रही। सीसीटीवी कैमरों से केंद्रों पर निगरानी की गई। अधिकारी भी लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर निर्देशित करते रहे।
पीसीएस प्री की परीक्षा रविवार को दो पाली में त्रिस्तरीय सुरक्षा के बीच संपन्न हुई। पहली पाली सुबह साढ़े नौ बजे से साढ़े 11 बजे तक और दूसरी पाली में दोपहर ढ़ाई से साढ़े चार बजे तक हुई। अभ्यर्थी सुबह आठ बजे से केंद्र पर लाइन में लगकर खड़े हो गए। आठ बजकर 45 मिनट तक ही अभ्यर्थियों को केंद्र के अंदर प्रवेश दिया गया। इसके बाद केद्रों के मुख्य गेट बंद कर दिए गए। परीक्षार्थियों की जांच तीन स्तर में हुई। गेट पर मशीन से पूरे शरीर की जांच हुई। मेटल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित रहे। बायोमीट्रिक जांच हुई, जिसमें अंगूठा, आंख व उंगलियां व चेहरे की जांच की गई। मिलान होने पर प्रवेश दिया गया, वहीं कक्ष में भी अभ्यर्थियों की डिजिटल उपस्थिति जांची गई। हर केंद्र पर एक सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती रही। इसके अलावा एक सह केंद्र व्यवस्थापक भी व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए रखा गया। केंद्रों पर बड़ी संख्या में पुुलिस बल तैनात रहा। सुबह की पाली में 5649 अभ्यर्थियों में से केवल 2033 ने परीक्षा दी। वहीं शाम की पाली में 5649 में से 2010 ने परीक्षा दी। प्रथम पाली में अच्छी परीक्षा न होने के चलते दूसरी पाली में 23 अभ्यर्थी कम हुए।
गूगल मैप और फोटो के चक्कर में परीक्षा छूटी, मेहनत पर फिरा पानी : परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के लिए गूगल मैप का प्रयोग करने और फोटो बनवाने के चक्कर में दो अभ्यर्थियों की सालों की मेहनत पानी में चली गई। शहर के वीवी इंटर कॉलेज गेट के बाहर मिले सहारनपुर निवासी रोहित बहन के साथ परीक्षा देने पहुंंचा था। उसका परीक्षा केंद्र राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कांधला में था, लेकिन वह गूगल मैप लगाने के चक्कर में शामली के वीवी इंटर कॉलेज के बाहर नौ बजे पता पूछता नजर आया। पूछने पर बताया कि गूगल मैप ने शामली में सेंटर की दूरी केवल ढाई किलोमीटर दिखा रहा था। इस कारण परीक्षा छूट गई। वहीं बागपत का अभ्यर्थी सचेत भी वीवी इंटर कॉलेज पहुंचा तो वह फोटो घर भूल आया। बाजार में बनवाकर लाया तो समय नौ बजे का हो गया, जिसके बाद उसे अंदर नहीं घुसने दिया गया। पूछने पर बताया कि वह कई साल से तैयारी कर रहा था।
देरी से पहुंचा अभ्यर्थी, बहस करने पर पुलिस ने बैठाया गाड़ी में : शहर के आरके इंटर कॉलेज केंद्र पर बागपत का निशांत लगभग नौ बजे पहुंचा। मुख्य गेट के बाहर खड़े सीओ अमरदीप मौर्य ने देरी होने के चलते अंदर जाने से मना किया तो युवक शामली के किसी नोडल अधिकारी को फोन मिलाकर अंदर जाने की बात कहने लगा, लेकिन उसे सीओ ने मना किया तो वह बहस करने लगा। इसके बाद सीओ ने कोतवाल को थाने ले जाने की बात कही तो युवक को पुलिस की गाड़ी में बैठाकर उसका फोन ले लिया। काफी देर बाद युवक को समझाते हुए और उसका फोन चेक करते हुए छोड़ दिया गया।
कलक्ट्रेट में स्थापित कंट्रोल रूम से रखी गई निगरानी : परीक्षा की निगरानी के लिए कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम बनाया गया था। कर्मचारियों की तैनाती कर पल-पल की मॉनिटरिंग कराई गई। अधिकारी भी बीच-बीच में कैमरे से निगरानी करते नजर आए। नोडल एडीएम सत्येंद्र कुमार के साथ ही आयोग से आए जनपदीय समन्वयी पर्यवेक्षक अजीतपाल सिंह, एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह, डीएम अरविंद कुमार चौहान, एएसपी संतोष कुमार आदि ने केंद्रों का निरीक्षण किया। परीक्षा कक्ष से लेकर केंद्र व्यवस्था पर पैनी नजर बनाए रखी। शहर के चप्पे चप्पे पर पुलिस मुस्तैद रही। बस अड्डे व रेलवे स्टेशन पर भी पुलिस तैनात रही।