शामली। देवोत्थान एकादशी के अनसूझ साये में शुक्रवार को मंडपों में खूब शहनाइयां गूंजीं। बैंडबाजे, घोड़ा बुग्गी सब कुछ थे। कई के पास तो दो से तीन शिफ्टों पर बुकिंग थी। अनुमान के तौर पर जिले में करीब 450 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। सड़कों पर भी शादी विवाह के वाहनों का दबाव बढ़ गया था। इसके अलावा शोभायात्रा और जगह-जगह भंडारे होने के कारण शहर के लोग जाम से जूझते रहे।
शहर में करीब 30 छोटे बड़े विवाह मंडप और कई धर्मशालाएं हैं। इनमें से पांच बड़े मंडप मेरठ-करनाल और पानीपत हाईवे पर हैं, बाकी शहर के अंदर। शुक्रवार को इनमें से अधिकांश बुक थे। कुछ में दिन की शादी थी, लेकिन अधिकांश में रात की। इसी वजह से सड़कों पर अन्य दिनों की तुलना ट्रैफिक भी काफी बढ़ गया था। उधर शहर में गुरुनानक के प्रकाश पर्व की वजह से काफी लंबी शोभायात्रा भी निकली। तुलसी विवाह के भी आयोजन हुए। बाजार और सड़कों पर जगह-जगह भंडारे भी चले शहर में दिन भर रुक रुककर जाम लगता रहा। दोपहर में एक बजे से तीन बजे तो शहर में बुरा हाल रहा। एमएसके रोड, वीवी इंटर कालेज के अलावा नया बाजार, बड़ा बाजार, कबाड़ी बाजार में जाम के हालात शाम तक बने रहे।
शहर में ही 150 से अधिक शादियां
गुलजारी वाला मंदिर के महंत शैलेंद्र गिरी महाराज ने बताया कि अनसूझ साया होने की वजह से ऐसे लोग भी इस दिन शादी करते हैं जिनकी राशि के अनुसार काफी लंबे समय बाद शादी का लगन न निकल रहा हो। इसलिए इस दिन शादियां अधिक होती हैं। अनुमान के तौर पर शहर में ही 150 से अधिक शादियां होंगी। जबकि जिले में 450 से अधिक शादियां हुई होंगी।
तीन-तीन फेरों कराएंगे पंडित जी
एक पंडित जी ने बताया कि उन्हें शुक्रवार को तीन शादियों में फेरे कराने हैं। एक शादी दिन में है और दो रात को। ढोल पार्टी के राजेंद्र कुमार और बैंड संचालकों ने बताया कि उनके यहां शुक्रवार की आठ से 10 बुकिंग थी। उन्होंने भी कई पार्टियां बनाकर भेजी हैं। कुछ को तो लौटाना ही पड़ा। कुछ मंडप संचालकों ने बताया कि आज के दिन की शादी के लिए मुर्हरत की जरूरत नहीं होती, इसलिए कुछ लोगों ने दो महीने पहले ही मंडप बुक करा लिए थे।
जयमाला के भी बढ़े दाम
जबर्दस्त साया होने की वजह से शुक्रवार को फूल माला का भाव भी दोगुने से अधिक हो गया था, जो लोग पहले जयमाला बुक नहीं कर सके उन्हें जयमाला का जोड़ा 1100 से 1500 तक रुपये में पड़ा। गुलाब और चमेली के फूल की डबल लड़ी वाली जयमाला का रेट तो 2100 तक बोला गया। गुलाब के फूल की काफी मांग रही।
स्कूलों की छुट्टी के वक्त ज्यादा बनी समस्या
दोपहर में दो से तीन बजे के बीच ही स्कूल कालेजों की छुट्टी होती है ऐसे में शहर में स्कूली वाहनों का दबाव बढ़ गया। बच्चे भी साइकिलों से निकले ऐसे में शहर में जाम की समस्या दो से तीन बजे तक काफी गंभीर रही। स्कूली बच्चे तो साइकिलों से गलियों से किसी तरह होकर घर पहुंचे।
गली मोहल्लों में भी जाम
एमएसके रोड पर जाम की वजह से लोगों ने अपनी कार, बाइक, दुपहिया वाहनों और ई रिक्शा को धीमानपुरा फाटक और आर्य समाज के सामने वाली गली से माजरा रोड की ओर से निकालना शुरू कर दिया। तो गलियों और माजरा रोड पर भी जाम लग गया। भिक्की मोड़ पर काफी देर जाम के हालात बने रहे। इसी तरह वीवी इंटर कालेज रोड से सब्जी मंडी की ओर से वाहन गुजरे तो यहां भी जाम की समस्या बनी रही। हालांकि चौराहों पर यातायात पुलिस कर्मी जाम खुलवाने की मशक्कत करते नजर आए।