शामली। लोगों की अनियमित जीवन शैली और जंक फूड का ज्यादा सेवन करने से शरीर में मोटापा की समस्या बन रही है। मोटापा बच्चाें से लेकर युवाओं में ज्यादा होने से कई तरह के शरीर में विकार आने की आशंका रहती है। इससे कई तरह की गंभीर बीमारियां होने का भी खतरा रहता है। इसलिए इससे बचने के लिए संतुलित भोजन लेना चाहिए और जंक फूड से परहेज करना चाहिए।
हर साल चार मार्च को विश्व मोटापा दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को मोटापा से होने वाले नुकसान और इससे बचाव के प्रति जागरूक करना होता है। शरीर का फूलना या मोटा होना गंभीर विकार है। इसमें लोगों के शरीर में ज्यादा चर्बी जमा हो जाती है और कई तरह की बीमारियां होने का खतरा हो जाता है। मोटापे की वजह ये है कि भोजन में जितनी कैलोरी ली जाती है, उसके अनुसार पर्याप्त शारीरिक श्रम नहीं कर पाते और जब यह कैलोरी खर्च नहीं हो पाती तो शरीर मोटा होना शुरू हो जाता है। इसके अलावा आरामदायक जीवन शैली, असंतुलित खानपान, दवाओं का दुष्प्रभाव और जंक फूड का सेवन करना भी मोटापे का कारण है। फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग का कहना है कि मोटापा एक शारीरिक विकार है। मोटापा से बचाव करने के लिए संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, टहलना, दौड़ने जैसी शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। बाजार में बनी खाने-पीने की चीजों जंक फूड से परहेज रखना चाहिए। तली-भुनी चीजें ज्यादा नहीं खानी चाहिए। फास्ट फूड, शीतल पेय, मिठाई, घी, मक्खन आदि ज्यादा खाने, रोजाना लगातार कई घंटे तक बैठने से भी वजन बढ़ता है। तनाव व अवसाद भी मोटापा का कारण हो सकता है।
सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास का कहना है कि बढ़ते वजन को अगर समय रहते नियंत्रित नहीं किया जाता तो फिर मोटापे को रोक पाना मुश्किल हो जाता है। इसलिए शुरूआत में ही इस पर ध्यान देना चाहिए। व्यक्ति का वजन उसकी लंबाई के अनुपात में संतुलित होना चाहिए। मोटापा बढ़ने से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, गठिया, जोड़ों का दर्द, नींद की समस्या, अस्थमा आदि बीमारियां होने का खतरा रहता है। इसलिए लोगों को मोटापा से बचाव करना चाहिए।