शामली। भीषण गर्मी में पूर्वी यमुना नहर सूखी पड़ी है। वहीं नहर में पानी न होने से हाहाकार मचा है। अगले दस-पंद्रह दिन पूर्वी यमुना नहर में पानी नहीं रहेगा। ऐसे में 16 जून को गंगा दशहरे पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी नहीं लगा पाएंगे।
40 साल पहले यमुना नदी में पानी की कमी के चलते गंगा का पानी यमुना नदी में लाने के लिए रुड़की से देवबंद होकर शामली और सहारनपुर जिले के गंदवेड़ा संगम तक स्थाई रूप से गंगा-यमुना लिंक नहर निर्माण कर 11 सौ क्यूसेक पानी की व्यवस्था की गई थी। पिछले बीस सालों से गंगा का एक हजार क्यूसेक पानी प्रतिदिन यमुना नहर में आ रहा था। इससे सहारनपुर, शामली और बागपत, गाजियाबाद जिले के किसानों को पानी मिल रहा था। पिछले पंद्रह दिनों से ननौता क्षेत्र में देवबंद ब्रांच शाखा के भनेड़ा खेमचंद गांंव के पास नहर का पुल धंस जाने से गंगा का पानी यमुना नहर में बंद कर दिया गया है। देवबंद नहर पुल का निर्माण कार्य शुरू होने से अगले पंद्रह दिन तक पानी नहीं आने की संभावना है।
देवबंद ब्रांच के अवर अभियंता देवेंद्र सिंह ने बताया कि गंगा का पानी रोक कर भनेड़ा खेमचद पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। कार्य पूरा होने के बाद गंगा का पानी यमुना नहर में आएगा। दूसरी ओर पूर्वी यमुना नहर खड शामली के अधिशासी अभियंंता विवेक ने बताया कि गले पंद्रह दिनों पानी नहीं आएगा। पुल का निर्माण होने के बाद ही पानी छोड़ा जाएगा।
-16 जून को गंगा दशहरा में नहीं लगेगी डुबकी
आगामी 16 जून को गंगा दशहरा पर गंगा-यमुना नहर में हजारोें श्रद्धालु डुबकी लगाते हैं, लेकिन इस बार नहर में पानी न होने के चलते वे स्नान नहीं कर सकेंगे। वहीं पूर्वी यमुना नहर में पानी न होने के चलते सहारनपुर, शामली, बागपत, मुजफ्फनगर, गाजियाबाद जिले के 50 हजार से ज्यादा किसान खरीफ की फसल नहीं बो पा रहे हैं।