शामली। सहारनपुर में हुई हिंसा के बाद मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की बैठक नहीं हो पाई है। बैठक न होने से शामली रेलपार बाईपास निर्माण की पत्रावली पर मंडलायुक्त के हस्ताक्षर नहीं हो पाए हैं। नए मंडलायुक्त के हस्ताक्षर होने के बाद इसकी ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा के अनुरोध पर शामली रेलपार बाईपास निर्माण की जिम्मेदारी मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के अफसरों को दी गई थी।
उन्होंने तीन करोड़ का एस्टीमेट बनाकर लोक निर्माण विभाग से तकनीकी जांच कराई। विकास प्राधिकरण की अवस्थापना समिति में शामिल सदस्य लोक निर्माण विभाग, जल निगम, नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी, डूडा के परियोजना आफिसर और डीएम शामली के पत्रावली पर हस्ताक्षर करा प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष मंडलायुक्त सहारनपुुर के लिए भेजी गई थी।
24 मई को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की बैठक बुलाई गई थी। 24 मई को सहारनपुर में हिंसा होने के कारण प्राधिकरण की बैठक नहीं हो पाई। बैठक न होने से शामली रेलपार बाईपास के निर्माण की पत्रावली पर मंडलायुक्त के हस्ताक्षर नहीं हो पाए हैं।
प्राधिकरण के प्रभारी, सहायक अभियंता सुशील शर्मा ने बताया कि शामली रेलपार बाईपास निर्माण की सभी प्रक्रियाओं को पूरा करके पत्रावली पर प्राधिकरण के अध्यक्ष मंडलायुक्त सहारनपुर और वाइस चेयर पर्सन सीडीओ मुजफ्फरनगर के हस्ताक्षर के लिए पत्रावली भेजी थी। प्राधिकरण की बैठक न होने के कारण मंडलायुक्त सहारनपुर के हस्ताक्षर नहीं हो पाए है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सीडीओ मुजफ्फरनगर अंकित अग्रवाल ने बताया कि शामली रेलपार बाईपास के निर्माण के लिए पत्रावली मंडलायुुक्त सहारनपुर एमपी अग्रवाल को भेजी थी। सहारनपुर मे हिंसा के कारण निवर्तमान मंडलायुुक्त के हस्ताक्षर नहीं हो पाए हैं, बाद में मंडलायुक्त सहारनपुर का शासनादेश पर तबादला हो गया था। नए मंडलायुक्त के शामली रेलपार बाईपास पत्रावली पर हस्ताक्षर होने के बाद ई-टेंडर प्रणाली से ठेके छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।