शामली। व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी के तहत जिले में पुराने वाहनों का डंपिंग यार्ड बनाने की कवायद शुरू हो गई है। जिले में 10 से 15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप में भेजने के लिए डंपिंग यार्ड बनेगा। डंपिंग यार्ड में परिवहन थाना भी संचालित होगा। डपिंग यार्ड के लिए भूमि की तलाश शुरू हो गई है।
केंद्र सरकार ने इस वर्ष बजट सत्र में व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे अगस्त में लागू किया था। जिले में इस पॉलिसी पर अब काम शुरू हो गया है। 10-15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप में भेजा जाएगा। प्रदेश के परिवहन आयुक्त धीरज शाहू का डंपिंग यार्ड स्थापना के लिए जिला मुख्यालय पर आदेश प्राप्त हो गया है।
एआरटीओ मुंशीलाल ने डीएम शामली जसजीत कौर से मिलकर जिला मुख्यालय पर डंपिंग यार्ड की स्थापना के लिए परिवहन आयुक्त धीरज शाहू का पत्र सौंपकर भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। डीएम ने इस बाबत एसडीएम सदर बृजेश कुमार को जिला मुख्यालय पर डंपिंग यार्ड के लिए भूमि तलाश करने के निर्देश दिए है। भूमि मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
परिवहन थाना भी बनेगा
एआरटीओ मुंशीलाल ने बताया कि डंपिंग यार्ड की भूमि उपलब्ध होने के बाद परिवहन थाना संचालित किया जाएगा। यार्ड में जिले के 10-15 साल पुराने वाहनों को परिवहन थाने के सुपुर्द किया जाएगा। परिवहन थानों में थाना प्रभारी संबंधित स्टॉफ तैनात होगा। उन्होंने बताया कि जिले में 10-15 साल हल्के-भारी डीजल और पेट्रोल के दो हजार वाहन है।
क्या है व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी
इस पॉलिसी के हिसाब से अब देश में एक तय सीमा से पुराने वाहनों का फिटनेस टेस्ट कराना होगा। ये टेस्ट वाहनों के इंजन इंजन की हालत, उनका एमिशन स्टेटस और फ्यूल एफिशिएंसी, सेफ्टी जैसे कई पैरामीटर पर होगा। यदि पुराने वाहन इस फिटनेस टेस्ट में फेल होते हैं, तो उनका पंजीकरण रद्द हो जाएगा और उन्हें स्क्रैप में भेज दिया जाएगा। कमर्शियल वाहनों का 10 साल और निजी वाहनों का 15 साल में फिटनेस टेस्ट कराना होगा।
स्क्रैप के बदले आपको क्या मिलेगा
पुराने वाहन को स्क्रैप में देने पर आपको डिपोजिट सर्टिफिकेट मिलेगा। इस सर्टिफिकेट के बदले वाहन कंपनियां नए वाहन पर करीब पांच फीसदी छूट देंगी। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी इसकी घोषणा कर चुके हैं।
कोट...
- केंद्र सरकार की व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी के तहत जिला मुख्यालय पर डंपिंग यार्ड स्थापित होगा। इसके लिए भूमि तलाश शुरू कर दी गई है। - बृजेश कुमार सिंह, एसडीएम सदर।