शामली। पानीपत-शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया में एक और महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। एक्सप्रेसवे का ड्रोन सर्वे पूरा कर लिया गया है। अब 3-डी अधिसूचना जारी होने का इंतजार है। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और प्रभावित किसानों से दावे व आपत्तियां मांगी जाएंगी।
यह एक्सप्रेसवे अंबाला-शामली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का दूसरा हिस्सा माना जा रहा है। शामली जिले के थानाभवन क्षेत्र के गोगवान-जलालपुर गांव से एक्सप्रेसवे का शून्य किलोमीटर निर्धारित किया गया है।
परियोजना के तहत शामली जिले के गोगवान-जलालपुर और भैंसानी इस्लामपुर, मुजफ्फरनगर जिले के पावटी, घिस्सूखेड़ा, मुथरा, नंगलाराई, सिकंदरपुर, अकबरगढ़, रोनी हरजीपुर, पीपलशाह, अरनाइच, मंगनपुर, चरथावल ग्रामीण, दहचंद, बधाई कला, सैदपुर कलां, रोहाना कलां, रोहाना खुर्द, बेगमपुर, आखलौर, बिहारी, सिंभालकी, खोजा नंगला, कुतुबपुर, बरला, मंडला, फलौदा, अब्दुलपुर, भोजाहेड़ी, चंदन, मिर्जापुर उर्फ शाहजहांपुर, जमालपुर, मारकपुर, हुसैनपुर, बैकुंठपुर, खेड़की, पांचली, फरकपुर, रजकल्लापुर, झबरपुर, अहमदपुर गांधना, बहलोलपुर, खाईखेड़ी, पीपलहेड़ा, लबड़दा और चरथावल सहित गांव शामिल हैं।
वहीं हरिद्वार जिले के प्रहलादपुर, शाहपुर, मदारपुर, हस्तमौली, अलावलपुर, टांडा जलालपुर, बालचंदवाला और पौड़ोवाली गांवों से होकर एक्सप्रेसवे गुजरेगा। सहारनपुर जिले के छह गांव भी परियोजना में शामिल हैं।
उद्यमियों के अनुसार एक्सप्रेसवे के निर्माण से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे लोगों को तेज और सुगम यातायात सुविधा मिलने के साथ ही क्षेत्र में उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।