शामली। नगरपालिका शामली द्वारा डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कराया जा रहा है, इसके बाद भी सड़कों से लेकर गली मोहल्लों में कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। पालिका प्राइवेट एजेंसी को कूड़ा कलेक्शन के नाम पर लगभग साढ़े नौ लाख रुपये प्रति माह का खर्चा वहन कर रही है। सड़कों पर कूड़ा पड़ा रहने से स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में पिछड़ने की वजह माना जा रहा है।
नगरपालिका शामली ने पिछले साल झांसी की प्राइवेट कंपनी आरव एसोसिएट को डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का ठेका दिया है। पालिका द्वारा इस कंपनी को 35 रुपये प्रति घर के हिसाब से हर महीने भुगतान करती है। शहर में करीब 27 हजार घरों से कूड़ा कलेक्शन किया जाना बताया गया है। इस तरह से प्रति माह कूड़ा कलेक्शन के नाम पर पालिका हर महीने करीब साढ़े नौ माह लाख रुपये का भुगतान कर रही है। कंपनी का ठेका 31 मार्च तक था, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से पहले इसका समय 30 जून तक और इसके बाद 31 दिसंबर तक समय बढ़ाया गया है। इसके बाद भी सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों में कूड़ा पड़ा रहता है।
सड़कों पर पड़ा कूड़ा स्वच्छता अभियान के दावों की पोल खोल रहे हैं। शहर के ब्लाक रोड, कैराना रोड, वर्मा मार्केट समेत ऐसे स्थान हैं जहां पर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। सड़क पर कूड़ा पड़ा रहना भी स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में नगरपालिका के पिछड़ने की वजह माना जा रहा है। पालिका अधिकारियों का कहना है कि इस साल स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंकिंग पाने के लिए साफ-सफाई पर विशेष फोकस रहेगा और लोगों को भी स्वच्छता के प्रति अधिक प्रभावी ढंग से जागरूक किया जाएगा।
कोट
शहर को साफ-स्वच्छ रखने के लिए घर-घर से कूड़ा कलेक्शन कराया जाता है। प्राइवेट कंपनी को इसका ठेका दिया गया है। पालिका हर महीने करीब साढ़े नौ लाख रुपये खुद वहन कर रही है। इसका नागरिकों से कोई यूजर चार्ज नहीं लिया जा रहा है। इससे मोहल्लों में सफाई व्यवस्था अच्छी हुई है, लेकिन हो सकता है कुछ लोग बाद में कूड़ा घर के बाहर डाल देते हो। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंकिंग पाने के लिए साफ-सफाई पर और अधिक ध्यान दिया जाएगा। - सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका शामली।
शामली गगन विहार में पडा कूडा- फोटो : SHAMLI
शामली कैराना रोड पर पडा कूडा- फोटो : SHAMLI
शामली ब्लाक रोड पर पडा कूडा- फोटो : SHAMLI