कुछ समय से बीमार चल रहे दीपक पुलिस विभाग से छुट्टी लेकर शामली में इलाज करवा रहे थे। 29 जून को गांव में एक आवारा कुत्ते ने दीपक के पैर में काट लिया था। दीपक ने रैबीज की दो डोज भी लगवाई थी, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती गई।
पीड़ित की तबीयत बिगड़ने पर उसे शामली के एक चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां से उसे मेरठ के खरखौदा में रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान दीपक ने दम तोड़ दिया।
डॉक्टरों के अनुसार, दीपक के पैर में कुत्ते के काटने से गंभीर इंफेक्शन हुआ था, जिससे उसकी जान चली गई।
शव को गांव लाए जाने के बाद परिजन पहले बिना किसी कार्रवाई के अंतिम संस्कार करना चाहते थे, लेकिन ग्रामीणों के समझाने पर उन्होंने गढ़ीपुख्ता पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि मौत रैबीज से हुई या अन्य संक्रमण से।
दीपक की मौत से उसकी पत्नी भारती, बच्चों और परिवार के अन्य लोगों का हाल बेहाल है। गांव में भी मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।