शामली। पूर्वी यमुना नहर के किनारे निर्माणाधीन विकास भवन और बीएसए कार्यालय की दूसरी किस्त जारी होने के एक माह बाद भी निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य शुरू नहीं किया गया है। इसी कड़ी में सीडीओ यशु रुस्तुगी ने बृहस्पतिवार को निर्माणाधीन विकास भवन का निरीक्षण करने के बाद बताया कि विकास भवन का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।
पूर्वी यमुना नहर किनारे गोहरनी गांव में विकास भवन, कलक्ट्रेट, बीएसए, डीआईओएस, जिलास्तरीय अफसरों के आवास व मुंडेट के जंगल में जिला अस्पताल का निर्माण प्रस्तावित है। विकास भवन, बीएसए ,कलक्ट्रेट, जिला अस्पताल, डीआईओएस कार्यालयों की प्रथम किस्त समाप्त हो चुकी है। सालों से जिला अस्पताल, विकास भवन, बीएसए कार्यालय का निर्माण कार्य बंद चल रहा था। विकास भवन की 87 लाख रुपये की धनराशि प्रदेश मुख्यालय से 30 मार्च और बीएसए कार्यालय की 51.82 लाख रुपये दूसरी किश्त एक माह पूर्व जारी हो चुकी है। एक अप्रैल को विकास भवन की दूसरी किश्त का जिला मुख्यालय पर पत्र प्राप्त हो गया था।
जिला मुख्यालय पर विकास भवन की 87 लाख रुपये व बीएसए कार्यालय की दूसरी किस्त की धनराशि का चेक निर्माण एजेंसी को हस्तांतरित हो चुका है। इसके बावजूद अभी तक निर्माण एजेंसी द्वारा विकास भवन और बीएसए कार्यालय का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। सीडीओ यशु रुस्तुगी ने बृहस्पतिवार को निर्माणाधीन विकास भवन का निरीक्षण करने के बाद बताया कि विकास भवन का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। मौके पर चौकीदार के अलावा निर्माण एजेंसी दूसरा कोई अफसर व मजदूर नहीं मिला। यही हाल बीएस कार्यालय का है।
यहां भी निर्माण एजेंसी द्वारा निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। बीएसए चंद्रशेखर ने कहा कि बीएसए कार्यालय की निर्माण एजेंसी को दूसरी किस्त हस्तांतरित हो चुकी है। दूसरी किस्त की धनराशि का सत्यापन जांच समिति द्वारा होना बाकी है। सत्यापन के बाद बीएसए कार्यालय का निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा।
डीआईओएस एसएम सिद्दीकी ने बताया कि डीआईओएस कार्यालय की प्रथम किस्त समाप्त हो चुकी है। निर्माण एजेंसी द्वारा अपने स्तर से कार्य कराया जा रहा है। सीडीओ ने बताया कि निर्माण एजेंसी के अफसरों से वार्ता करके विकास भवन, बीएसए कार्यालय का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। सीएमओ डॉक्टर विनीता अग्नि होत्री का कहना है कि एक साल से ज्यादा से जिला अस्पताल की प्रथम किस्त समाप्त हो चुकी है। दूसरी किस्त नहीं मिलने से निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है।