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लापरवाही न बरतें, अभी टला नहीं कोरोना का खतरा

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शामली। जिले में कोरोना के केस जैसे-जैसे कम हो रहे हैं, लेकिन लोगों की लापरवाही बढ़ रही है। कोरोना की जांच के लिए सैंपलों की संख्या बढ़कर दुगनी हो गई है। जून माह में लगभग 80 हजार सैंपलों की जांच हो चुकी हैं। मई के मुकाबले जून माह में कोरोना कि रफ्तार बहुत धीमी रही, लेकिन जिस तरह से लोग बेपरवाह हो रहे हैं, उससे फिर से कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा बन रहा है।
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मार्च के महीने में कोरोना के केस बढ़ने शुरू हो गए थे। इस महीने कोरोना के 71 केस सामने आए थे जबकि इससे पहले फरवरी माह में 15 केस आए थे। अप्रैल में कोरोना ने रफ्तार पकड़ी तो केस बढ़कर 3495 तक पहुंच गए। मई में तो संक्रमण पूरे उफरान पर था। इस माह कोरोना के 5265 केस मिले। उस समय तक जिले में रोजाना 1550 सैंपल लेने का लक्ष्य दिया गया था, जिसमें एक हजार एंटीजन किट और 550 सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए लिए जा रहे थे। कोरोना के केस बढ़ने पर जिले में सैंपलों का लक्ष्य भी बढ़ाकर लगभग दुगना कर दिया गया। लक्ष्य बढ़ने पर जून माह में रोजाना 2500 से 3000 तक सैंपल लेकर कोरोना की जांच शुरू की गई।
जून माह में कोरोना की रफ्तार धीमी पड़ती गई। इस महीने में अब तक लगभग 80 हजार सैंपल लिए गए, जिनमें कोरोना के 260 केस सामने आए। वर्तमान में दो से पांच केस आ रहे हैं। कोरोना की रफ्तार धीमी होने के साथ ही लापरवाही भी बढ़ गई। बाजारों से लेकर सड़कों पर हर तरफ भीड़ लगी रहती है। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। अब तो लोगों ने फेस मास्क लगाने से भी परहेज करना शुरू कर दिया है। कोरोना की तीसरी लहर का भी अंदेशा जताया जा रहा है। ऐसे में लोगों को कोरोना से बचाव के लिए सावधानी बरतने की पूरी जरूरत है।
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जिले में कोरोना की स्थिति
कुल संक्रमित- 12879
ठीक हुए - 12803
कोरोना से मौत - 45
कुल सैंपल - 536041
पॉजिटिविटी दर- 2.40 प्रतिशत
रिकवरी दर - 99.40
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कोरोना के केस की स्थिति
फरवरी - 15
मार्च -71
अप्रैल - 3495
मई - 5265
28 जून तक - 260
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कोट
कोरोना के केस कम हुए हैं, लेकिन लोगों को किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंस और फेस मास्क लगाना जरूरी है। लापरवाही होने से फिर कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है।
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- डॉ. सफल कुमार, सीएमएस।
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