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कोरोना से डरें नहीं, बचाव के लिए एहतियात बरतें

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शामली। जिले में लगातार कोरोना संक्रमण फैल रहा है। रोज नए केस मिल रहे हैं। कोरोना के बढ़ते केस को लेकर कुछ लोगों में अवसाद (डिप्रेशन) का भी शिकार हो रहे हैं। ऐसे केस चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना से डरें नहीं, बचाव के लिए सभी जरूरी एहतियात बरतें।
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जनपद में कोरोना का पहला केस 24 मार्च को मिला था। इसके बाद से जिले में लगाकर कोरोना के केस सामने आ रहे हैं। लॉकडाउन के पहले चार चरणों में 37 केस कोरोना पॉजिटिव के मिले थे। इसके बाद अनलॉक-1 में 106, अनलॉक-2 में 268 और अनलॉक-3 में 575 केस मिले हैं। यानी की कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है।
30 अगस्त तक जिले में कोरोना के 1031 केस सामने आ चुके हैं, जिनमें 746 केस ठीक हुए हैं। कोरोना केस बढ़ने को लेकर कुछ लोग अवसाद का भी शिकार हो रहे हैं। मनोचिकित्सक डॉ. अरुण राय का कहना है कि उनके पास कोरोना को लेकर अवसाद के कई केस आ चुके हैं। कुछ दिन पहले एक केस आया। उस व्यक्ति व उसके परिवार के किसी सदस्य को कोरोना नहीं था, इसके बाद भी वह डर रहा था कि कहीं उसे या उसके परिवार को कोरोना न हो जाए। अगर कोरोना हो जाएगा तो उसके परिवार का क्या होगा। इस तरह के विचार उसके मन में घूम रहे थे। उसे समझाया गया और कोरोना के बारे में सही जानकारी दी गई तब जाकर वह ठीक हुआ।
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एक केस आया कि कोरोना की डर की वजह से वह अति विश्वास जैसी बातें करने लगा। उसका दिमागी संतुलन गड़बड़ा गया। ऐसे मरीज को उपचार की जरूरत होती है। मनोविशेषज्ञ करुणा गुप्ता ने बताया कि उनकी परिचित एक महिला को कोरोना को लेकर डर बना रहता था। उसे यहीं डर लगा रहता था कि कहीं उसे कोरोना तो नहीं हो गया। उसे समझाया गया, उसके मन से कोरोना का डर दूर किया गया। उसके बाद से वह ठीक है।
मन में सकारात्मक भाव रखें
कोरोना का मन में डर कतई न रखे, सिर्फ बचाव के लिए सभी जरूरी एहतियात बरतें। अगर सावधानी बरत रहे है तो कोरोना से बचे रहेंगे। कोरोना के बजाए दूसरी बातों और अपने काम पर ज्यादा ध्यान दें। अगर किसी को कोरोना हो भी जाए तो उसका मुकाबला करें। मन में किसी तरह का डर न पाले और मन में सकारात्मक भाव रखें। - करुणा गुप्ता, समाज शास्त्री एवं मनोविशेषज्ञ।
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सावधानी ही कोरोना से बचाव
कोरोना को लेकर कई लोगों के मन में अनजाना सा डर बना रहता है। इस तरह के कई केस सामने आए है। उन्हें समझाया गया, जिससे वह ठीक हुए हैं। जरूरत से ज्यादा डर लगना ही अवसाद का कारण बनता है। इसलिए कोरोना से डरने के बजाए सावधानी बरतें। - डा. अरुण राय, मनो चिकित्सक।
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अवसाद के लक्षण
कोरोना को लेकर जरूरत से ज्यादा डर लगना।
लक्षण के बिना भी कोरोना होने का डर लगा रहना।
सामान्य कामकाज और दिनचर्या में बदलाव होना।
घर से बाहर निकलने में डरना, गुमसुम बने रहना।
सामाजिक गतिविधियों में शामिल होने से बचना।
अवसाद से बचने के उपाय मन में सकारात्मक विचार बनाए रखना।
नकारात्क विचारों को मन में न आने देना।
कोरोना से बचाव के तरीके अपनाना।
सर्दी, जुकाम हो जाए तो घबराएं नहीं, जांच कराएं।
कोरोना के बजाए दूसरे विषयों पर ज्यादा बातें करें
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