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परित्यक्ता, तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को मिलेगा आयुष्मान योजना का लाभ

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शामली। गरीब परिवारों की तरह अब परित्यक्ता (तलाकशुदा महिला) और तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को भी आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ मिलेगा। इसके तहत प्रदेश के सभी जनपदों से परित्यक्ता और तीन तलाक पीड़िताओं का डाटा जुटाने का काम शुरू हो गया है। यह डाटा शासन को भेजा जाएगा। इसके बाद इन परिवारों को योजना में शामिल किया जाएगा।
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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य के तहत गरीब परिवारों को सरकार की तरफ से पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज देने की योजना चलाई गई है। 23 सितंबर 2018 को लागू की गई योजना में शामिल हुए लाभार्थियों का चयन 2011 की आर्थिक जनगणना के आधार पर किया गया था। इस योजना से वंचितों को लाभ पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना लागू की गई। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में 36,553 और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में 9539 परिवार यानि जिले के कुल 46,092 परिवारों को शामिल किया गया है। इन परिवारों के सदस्यों के गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे है। अभी तक जनपद में करीब 77,446 गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके है।
आयुष्मान के नोडल अधिकारी एसीएमओ डाक्टर सुशील कुमार ने बताया कि शासन ने परित्यक्ता और तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को भी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के समान लाभ उपलब्ध कराने हेेतु मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान में सम्मलित करने का निर्णय लिया है। शासन ने स्वास्थ्य विभाग से जनपद में परित्यक्ता और तीन तलाक पीड़ित महिलाओं का प्रमाणिक डाटा मांगा है। शासन के निर्देश पर डाटा जुटाया जा रहा है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और समाज कल्याण अधिकारी को पत्र भेजकर परित्यक्ता और तीन तलाक पीड़िताओं का डाटा मांगा है।
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योजना की जिले में स्थिति
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल लाभार्थी परिवार - 36,553
मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल लाभार्थी परिवार - 9539
आयुष्मान के पैनल में शामिल हॉस्पिटल - सरकारी 6, निजी 7
बनाए गए गोल्डन कार्ड की संख्या - 77,446
शासन ने परित्यक्ता और तीन तलाक पीड़िताओं को आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज देने का निर्णय लिया है। शासन ने पीड़ित महिलाओं का डाटा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। समाज कल्याण अधिकारी और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से डाटा मांगा है। डाटा उपलब्ध होते ही शासन को भेजा जाएगा। - डाक्टर संजय भटनागर, सीएमओ।
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