शामली। जिले में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन बचाव के पुख्ता इंतजाम नहीं हो रहे। रात में तो स्मॉग छाया ही रहता है, दिन में भी हालात बदतर होते जा रहे हैं। स्मॉग के कारण रात में वाहन चलाना मुश्किल होता है, जबकि प्रदूषण के कारण लोग आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं।
बीते कई दिनों से जिले में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स 350 के आसपास पहुंच गया है, जो बेहद खराब स्थिति मानी जाती है। अभी यह हालात हैं तो आने वाले दिनों में स्थिति और खराब होने की आशंका है। दिवाली पर लोग जमकर आतिशबाजी करते हैं। इससे निकलने वाले धुएं से प्रदूषण और बढ़ जाता है। पिछले वर्ष दिवाली के बाद जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 से ऊपर चला गया था। कई दिनों तक वातावरण में घनी धुंध छाई रही थी।
हवा बंद होने से हो जम रहा स्मॉग
शामली। सर्दी बढ़ने के साथ हवा बंद हो रही है। इसके चलते धुएं और धूल के कण वातावरण में ही घूम रहे हैं। इससे धुंध बनी हुई। नमी, धूल और धुआं मिलकर स्मॉग बना रहा है।
स्वास्थ्य के लिए है हानिकारक
वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। हवा में मिले सूक्ष्म कण अस्थमा एवं हृदय रोगियों को बहुत नुकसान पहुंचाते हैं। एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार का कहना है कि प्रदूषण में ज्यादा समय रहने से स्वस्थ लोगों को भी सांस एवं हृदय से संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। प्रदूषण के कारण आंखों में जलन होने लगती है। बुजुर्ग और हृदय रोगियों को सुबह-शाम घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
बचाव के लिए किए जा रहे उपाय
मेरठ-करकनाल हाईवे पर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एंटी स्मॉग गन लगाई गई है। फैक्टरियों से होने वाले प्रदूषण पर भी निगरानी रखी जा रही है। साथ ही पराली एवं अन्य फसल अवशेष जलाने पर भी कार्रवाई की जा रही है। - अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड