झिंझाना के गांव पिँडोरा मे मनरेगा की जाँज करती महिला अधिकारी।
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झिंझाना (शामली)। ऊन क्षेत्र के गांव पिंडोरा जहांगीरपुर में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत पर सहारनपुर मंडल की मनरेगा लोकपाल सुनीता चौधरी ने गांव में पहुंचकर का सोशल ऑडिट किया तो विकास कार्यों की पोल खुल गई। जांच में मृतकों के खाते में धनराशि भेजा जाना पाए जाने और गांव में नागरिक सूचना बोर्ड भी नहीं लगा मिलने पर ग्राम पंचायत सचिव से जवाब तलब किया गया है।
शुक्रवार को गांव पिंडोरा जहांगीरपुर में मनरेगा लोकपाल सुनीता चौधरी पहुंचीं। बताया कि शिकायत मिली है कि मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्य में अनियमितता बरती जा रही है। गांव में जांच करने पर पता चला कि तीन वर्ष पर जिस युवक की मौत हो चुकी थी, उसे जीवित दर्शाकर उसके खाते में धनराशि भेजी जा रही थी। जांच अधिकारी को जॉब कार्ड धारकों ने बताया कि गांव में रोजगार दिवस नहीं मनाया जाता। वर्ष 2018- 19 के तहत कराए गए कार्यों की फाइल भी प्रस्तुत नहीं की गई, जिससे सोशल ऑडिट की सही तरीके से जांच नहीं हो सकी।
जांच के दौरान पाया गया कि आनंद कुमार की तीन वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है लेकिन फिर भी ग्राम पंचायत सचिव द्वारा उसकी उपस्थिति दर्शाकर धनराशि उसके खाते में भेज दी गई। इसके अलावा विकास कार्यों के कार्य स्थल पर कोई नागरिक सूचना बोर्ड नहीं लगा पाया, जो मनरेगा एक्ट का खुला उल्लंघन है। इस संबंध में लोकपाल ने सचिव वैभव निर्वाल को तत्काल कार्य स्थल पर बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए। मनरेगा लोकपाल सुनीता चौधरी ने बताया कि सोशल ऑडिट के दौरान भारी अनियमितताएं मिली हैं, जिनकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। इस दौरान ग्राम प्रधान सुनील कुमार, अजय, विजेंद्र सिंह, सतीश कुमार, सोशल ऑडिट टीम के सभी सदस्य और मनरेगा जॉब कार्ड धारक मौजूद रहे।