शामली में शासन द्वारा शुरू किए गए नारी सशक्तीकरण संकल्प अभियान के तहत जिले के ब्लॉक कार्यालयों पर आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी दी गई। डीएम ने कार्यशाला का निरीक्षण किया। ऊन विकास खंड की नोडल अधिकारी बनाई जिला विद्यालय निरीक्षक के अनुपस्थिति रहने पर उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया।
ऊन विकास खंड में रविवार को राझड़, ऊदपुर, दथेड़ा न्याय पंचायतों की टीमों को प्रशिक्षण दिया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी साजिद अंसारी ने सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। महिलाओं को उनके सुरक्षा और अधिकारों के बारे में बताया गया। महिला हेल्पलाइन की प्रभारी पारुल चौधरी ने महिला की सुरक्षा और कानून के बारे में बताया। वीडीओ मुकेश कुमार ने बताया कि शिविर में प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक ग्राम पंचायत की गठित जिसमें आशा, एएनएम, महिला शिक्षक, आंगनबाड़ी शामिल हैं। घर-घर जाकर महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उनके अधिकारों के बारे में भी बताएंगी। ये डोर टू डोर कार्यक्रम 27 नवंबर से आठ दिसंबर तक चलेगा।
डीएम अखिलेश सिंह ने ऊन ब्लॉक के निरीक्षण के दौरान यहां की नोडल अधिकारी बना गई गई जिला विद्यालय निरीक्षक अनुराधा शर्मा को अनुपस्थिति पाया। एक घंटे इंतजार के बाद भी वे नहीं आई। डीएम के अनुसार उनसे फोन पर बात की गई तो बताया कि उनकी तबियत खराब है। डीएम ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि यदि तबियत खराब थी तो इसकी सूचना पहले फोन से भी किसी उच्च अधिकारी को दी जा सकती थी।
स्वच्छता, शिक्षा और स्वरोजगार पर जोर दिया
थानाभवन। रविवार को खंड विकास कार्यालय परिसर आयोजित कार्यक्रम में बी एस ए गीता वर्मा ने सभी आशा, महिला शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से कहा कि आप सभी अभियान ने तहत अपने क्षेत्र मे घर-घर जाकर महिला और बच्चों को उनकी सुरक्षा कें लिये जागरूक करें। जो ग्रुप बनाया गया है उसके साथ फोटो खींचकर और उनके नंबर से मिस कॉल करें। साथ ही महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, स्वरोजगार पर अधिक जोर दिया गया। इस मौके पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शामली, खंड शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद्र, बाल विकास परियोजना अधिकारी, एनआरएलएम ममता, थाना भवन ने सैकड़ों महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया। ब्यूरो