फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे मधुमेह रोगी

विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे मधुमेह रोगी
विज्ञापन

शामली। जिले में त्वचा, श्वांस के साथ मधुमेह (डायबिटीज) रोग भी बढ़ रहा है। पहले ये रोग शहरी क्षेत्र में ज्यादा होते थे, लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों में इन रोगों के मरीज बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में लोगों की जांच में सबसे अधिक मरीज इन्हीं बीमारियों के सामने आ रहे हैं।
रविवार सात फरवरी को जिले की सभी 25 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेला आयोजित किया गया। मेले में 1466 मरीजों ने पहुंचकर उपचार कराया। इन मरीजों में सबसे अधिक 291 त्वचा संबंधी रोगी उपचार कराने पहुंचे। दूसरे नंबर पर श्वांस के 175 और इसके बाद 110 मरीज मधुमेह के पाए गए। इनके अलावा हाइपर टेंशन के 61 मरीज सामने आए। लगभग यही स्थिति हर सप्ताह लगने वाले स्वास्थ्य मेले में सामने आ रही है। चिकित्सकों का कहना है कि जीवन शैली में बदलाव, अनियमित दिनचर्या और तनाव इन रोगों के बढ़ने के प्रमुख कारण हैं।
विज्ञापन

- सेहत के प्रति लापरवाही बन रही कारण
स्वास्थ्य के प्रति लोगों का संवेदनशील न होना और नियमित रूप से जांच न कराने से रोग बढ़ते हैं। शरीर का मोटापा बढ़ना, खेती में कीटनाशक का अधिक इस्तेमाल, अधिक वसायुक्त भोजन से डायबिटीज होती है। शहरों की तरह ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन शैली में बदलाव और तनाव भी इस रोग के बढ़ने का प्रमुख कारण है।
विज्ञापन

- डॉ. विजेंद्र कुमार, चिकित्साधिकारी।
- प्रदूषित वातावरण से बढ़ रहे श्वांस रोगी
प्रदूषित वातावरण श्वांस रोग का मुख्य कारण है। शहरों की तरह गांवों में भी प्रदूषण बढ़ रहा है। पेड़ों के कटान होने से हवा जहरीली होती जा रही है। इसके अलावा मौसम में बदलाव के समय भी श्वांस के मरीज बढ़ जाते हैं। सर्दी में गरम व ऊनी कपड़े पहनने से त्वचा रोग खाज-खुजली और एलर्जी के केस बढ़ जाते हैं। कुछ लोग सर्दी की वजह से रोज नहाने से बचते हैं, इससे भी त्वचा संबंधी रोग होते हैं।
-डॉ. रीतिनाथ शुक्ला, जनरल फिजिशियन।
जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले में मरीजों की स्थिति
पुरुष मरीज- 454
महिला मरीज- 834
बच्चे- 178
श्वांस रोगी- 175
लीवर- 31
डायबिटिज- 110
त्वचा- 291
एनीमिया- 87
टीबी के लक्षण- 23
हाइपर टेंशन- 61
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें