- तबाही के वक्त अर्द्धकुंवारी से 100 मीटर दूरी पर थे शामली निवासी चार श्रद्धालु, भूस्खलन की चपेट में आने से बचे
- रास्ता बंद होने से छह घंटे बारिश में फंसे रहे श्रद्धालु, परिजनों से कट गया था संपर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जम्मू कश्मीर में श्री माता वैष्णो देवी मार्ग पर हुए भूस्खलन में दर्शन करने गए चार श्रद्धालुओं ने अपनी आंखों से तबाही का मंजर देखा। उन्हाेंने बताया कि पलभर में हुई तबाही को देखकर सहम गए थे। माता वैष्णो देवी की कृपा से वे चपेट में आने से बचे। रास्ता बंद होने से छह घंटे तक बारिश में फंसे रहे। दूसरा रास्ता खुलने पर वे रात में जम्मू स्टेशन पहुंचे।
शहर के मोहल्ला टंकी काॅलोनी निवासी प्रवीण गोयल, कमला काॅलोनी निवासी अनिल गोयल, शिवाजी पार्क निवासी राहुल तायल और गौरव बंसल चारों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी दर्शन करने के लिए पानीपत स्टेशन से सोमवार रात दस बजे ट्रेन से रवाना हुए थे। प्रवीण गोयल व अन्य श्रद्धालुओं ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि मंगलवार सुबह वे सभी आठ बजे पहुंचे और स्नान आदि करने के बाद 11 बजे मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पैदल यात्रा शुरू की।
अर्द्धकुंवारी को पार कर आगे बढ़े तो उन्हें आगे का रास्ता बंद होना बताया और मां के दर्शनों को जाने वाले श्रद्धालुओं को रोककर वापस भेजना शुरू कर दिया था। वहां से आते समय रास्ते में उन्होंने एक स्थान पर खाना खाया और आधा घंटा आराम किया।
इसके बाद वे पहाड़ियों से नीचे उतर रहे थे, अर्द्धकुंवारी से पहले उनसे मात्र 100 मीटर की दूरी पर बारिश के साथ बहुत तेज गर्जना के साथ बादल फटा और पहाड़ों से पत्थर गिरने शुरू हो गए। पलभर में ही आंखों के सामने भूस्खलन हुआ और चीख पुकार मच गई। उस समय वहां पर 100 से ज्यादा श्रद्धालु थे। कोई पत्थरों की चपेट में आकर घायल हो गया तो कोई पहाड़ के मलबे के नीचे दब गए तो किसी के हाथ कट गए। तबाही का मंजर देख वे सहम गए और वे समझ ही नहीं पाए कि अचानक ये क्या हो गया। मां वैष्णो के आशीर्वाद से इस भीषण हादसे की चपेट में आने से चारों सुरक्षित बच गए।
- छह घंटे तक बारिश में फंसे रहे, रातभर जम्मू स्टेशन पर नहीं मिली ट्रेन
शामली। प्रवीण गोयल ने बताया कि भूस्खलन के बाद रास्ता बंद हो गया। वे छह घंटे तक तेज बारिश में फंसे रहे। नीचे आने का कोई रास्ता नहीं था। देर शाम को दूसरे बाला जी कुटी वाले रास्ते को खोला गया। उस मार्ग से उन्हें नीचे भेजा गया। मंगलवार देर रात में वे जम्मू स्टेशन पर जैसे तैसे पहुंचे, तो वहां पर कोई ट्रेन नहीं मिली। स्टेशन पर ही रात बिताई। बुधवार सुबह 11 बजे जम्मू से पठानकोट तक जाने वाली ट्रेन मिली। देर शाम को वे पठानकोट पहुंचे हैं।
- नेटवर्क न होने से परिवार से कट गया था संपर्क
शामली। श्रद्धालुओं ने बताया कि भूस्खलन के बाद उनका नेटवर्क न होने से उनके मोबाइल फोन नहीं चल रहे थे। उनका अपने-अपने परिवार के लोगों से संपर्क कट गया था, लेकिन बीच-बीच में हल्का नेटवर्क आ रहा था। उन्होंने परिजनों को व्हाटसएप से मैसेज भेजे, जो कई-कई घंटे बाद परिजनों को मिल रहे थे। बुधवार सुबह को उनकी परिजनों से फोन पर बात हो पाई।