शामली। कथावाचक पंडित दीपक शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का वर्णन किया तो पंडाल श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
बाबरी क्षेत्र के गांव भंदौड़ा के खेल मैदान में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में रविवार को कथावाचक पंडित दीपक शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म कथा प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि की घनघोर अंधेरी आधी रात को रोहिणी नक्षत्र में मथुरा के कारागार में बंद वसुदेव की पत्नी देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया।
उन्होंने बताया कि द्वापर युग में मथुरा के राजा भोजवंशी उग्रसेन राज्य करते थे। उनके आततायी पुत्र कंस ने उग्रसेन को गद्दी से उतार दिया और स्वयं मथुरा का राजा बन बैठा। कंस की एक बहन थी देवकी जिसका विवाह यदुवंशी वसुदेव से हुआ था।
शास्त्री ने कहा कि जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं। जैसे ही कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ पूरा पंडाल जयकारों से गूंजने लगा।
बाबारी क्षेत्र के गांव भदौडा में भागवत कथा सुनती महिलाएं । संवाद