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जिले में डेंगू मच्छर की दस्तक, जरा सी लापरवाही सेहत पर पड़ सकती है भारी

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शामली। स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम द्वारा की गई जांच में डेंगू व मलेरिया के लार्वा मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हलचल मची हुई है। लार्वा मिलने के बाद यह माना जा रहा है कि जिले में डेंगू मच्छर दस्तक दे रहा है। ऐसे में अगर सावधानी नहीं बरती गई तो डेंगू का डंक सेहत पर भारी पड़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने की कवायद शुरू कर दी है।
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राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य मंत्रालय दिल्ली की टीम ने शुक्रवार को शामली पहुंचकर जांच की थी। जांच के दौरान सीएचसी और इसकी आवासीय कालोनी, रेलवे स्टेशन और रेलवे कालोनी समेत कई स्थानों पर कूलर व प्लास्टिक के कंटेनर आदि की जांच की थी। जांच के बाद टीम ने अधिकतर कूलर में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के लार्वा मिलना बताया था। एक कूलर में प्यूपा भी पाया जाना बताया था। जांच टीम के इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आ गई है। यह हालत तब है जबकि दो सितंबर से 30 सितंबर तक संचारी रोग नियंत्रण माह अभियान चलाया जा रहा है। टीम ने शहर के कुछ ही स्थानों पर जांच की है, लेकिन शहर से लेकर गांवों तक जहां जांच नहीं हुई तो वहां भी लार्वा मिलने की संभावना बन गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि जिले में डेंगू मच्छर पनप रहा है। डेंगू मच्छर पैदा होने का समय जुलाई से नवंबर माह तक होता है। अगर इसे समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो यह सेहत पर भारी पड़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि लार्वा मिलने को गंभीरता से लिया जा रहा है। इससे बचाव के साथ लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जाएगा।
सीएचसी में कूलर की साफ-सफाई कराई
दिल्ली की टीम द्वारा की जांच में सीएचसी के कूलर में लार्वा मिलने के अगले दिन कूलर की साफ-सफाई कराई गई। जिला मलेरिया अधिकारी डा. विनय कुमार ने बताया कि शनिवार को सीएचसी में लगे कूलर में भरा पानी निकलवाकर साफ-सफाई कराई गई। रविवार को सीएचसी परिसर में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाएगा।
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डेंगू बुखार के के लक्षण
- ठंड लगने के साथ तेज बुखार होना।
- सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना।
- आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना, जो आंखों को दबाने या हिलाने से और बढ़ता है।
- कमजोरी आना, भूूख न लगना।
- जी मिचलाना और मुंह का स्वाद खराब होना।
- शरीर पर विशेष रूप से चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल गुलाबी रंग के चकते होना।
सावधानियां
- ठंडा पानी न पीएं, मैदा और बासी खाना न खाएं।
- खाने में हल्दी, अजवाइन, अदरक व हींग का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करे।
- हरी पत्तेवाली सब्जी का सेवन करें।
- अच्छी नींद ले और साफ पानी ज्यादा से ज्यादा पिएं।
- मिर्च मसाले और तला हुआ खाना न खाएं, कम खाएं, पेट भरकर न खाएं।
- मच्छर से बचाव के लिए शरीर को अधिक से अधिक ढकने वाले कपड़े पहने।
- डेंगू की पुष्टि के लिए ब्लड सैंपल मेरठ या दिल्ली भेजा जाता है।
जिला मलेरिया अधिकारी डा. विनय ने बताया कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में एनएस-1 कार्ड उपलब्ध है। अगर कोई संदिग्ध लगता है तो इस कार्ड से जांच की जाती है। पॉजिटिव आने पर इसकी पुष्टि के लिए मरीज का ब्लड सेंपल मेरठ या दिल्ली भेजा जाता है। वहां से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही डेंगू की सही पुष्टि होती है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि जिले में अभी तक डेंगू का कोई केस नहीं आया है।
सीएमओ ने दिया कारण बताओ नोटिस
शामली। सीएमओ डा. संजय भटनागर ने बताया कि शुक्रवार को दिल्ली की टीम द्वारा की गई जांच में कूलर में डेंगू व मलेरिया आदि के लार्वा मिलना गंभीर मामला है। जिला मलेरिया विभाग की लापरवाही मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब देने के निर्देश दिए गए है। साथ ही सीएचसी शामली के चिकित्साधीक्षक डा. रमेश चंद्रा को भी नोटिस भेजा जा रहा है कि उनके अस्पताल में कूलर की साफ-सफाई क्यों नहीं कराई गई, जिसकी वजह से उनमें लार्वा मिला है। सीएमओ ने बताया कि इनके अलावा रेलवे विभाग, पीडब्लूडी विभाग व जिन घरों के कूलर में लार्वा मिला है, उन्हें भी चेतावनी पत्र जारी किया जा रहा है। उन्हें चेतावनी दी जाएगी कि अगर दोबारा जांच में लार्वा मिलता है तो उनसे नियमानुसार जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाएगी। इस तरह से करीब 16 लोगों को चेतावनी पत्र जारी किए जा रहे हैं।
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