संवाद न्यूज एजेंसी
शामली/कांधला। जिले में डेंगू ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। कांधला में कपड़ा विक्रेता आसिफ (32) डेंगू की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों में दहशत बनी है। परिजनों ने भी डेंगू की जांच कराई है। उधर, जिले में डेंगू के तीन केस और मिलने से इनकी संख्या बढ़कर सात हो गई है। चिकित्सक लोगों को डेंगू से बचाव करने की सलाह दे रहे हैं।
जिले में डेंगू का खतरा बढ़ता जा रहा है। कांधला के मोहल्ला घसौली रोड निवासी डेंगू पीड़ित आसिफ की मौत हो गई। उसके भाई वाजिद ने बताया कि आसिफ राजस्थान के उदयपुर में कपड़े की फेरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता था। वह पिछले दो वर्षों से वहीं पर रह रहा था। करीब 15 दिन पहले उन्हें बुखार आया था। इलाज के बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। वाजिद ने बताया कि जब उनकी बुखार से तबीयत बिगड़ती चली गई तो वे उसे लेकर कांधला आ गए। इसके बाद शामली के निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया। कुछ समय बाद आसिफ की मौत हो गई। वाजिद का कहना है कि उदयपुर मेंं हुई आसिफ की जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई थी। शामली में जांच रिपोर्ट आने से पहले ही उसकी मौत हो गई। आसिफ की मौत के बाद से परिवार के लोग डरे हुए हैं। परिवार के लोगों ने भी अपनी जांच कराई है। आसिफ के परिवार में पत्नी शबनम, दो लड़की शायरा 4 वर्ष और अरबीया दो वर्ष हैं।
इस मामले में कांधला चिकित्सा प्रभारी डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि डेंगू से बुखार होने का मामला अभी जानकारी में नहीं आया है। इसकी जानकारी की जाएगी। अगर जरूरत हुई तो चिकित्सा शिविर लगाकर मरीजों की जांच की जाएगी।
उधर, जिले में डेंगू के केस लगातर बढ़ रहे हैं। जिले में डेंगू के तीन नए केस मिले हैं। इससे पहले चार केस मिले थे। अब डेंगू के सात मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। जिला मलेरिया अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इस मौसम में डेंगू के मच्छर ज्यादा पनपते हैं। इसलिए लोगों को मच्छर पनपने से रोकने और काटने से बचाव करना चाहिए। बुखार होने पर मरीज को जांच और उपचार कराना चाहिए। जिला अस्पताल में एलाइजा जांच की सुविधा उपलब्ध है।