शामली। मालैंडी गांव के दलितों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम के नाम ज्ञापन देकर कृषि पट्टे की भूमि पर ग्राम प्रधान पर ट्रैक्टर चलवाकर फसल को खुर्द-बुर्द करने का आरोप लगाया है। पीड़ितों ने कहा कि उनकी मांगों को शीघ्र निस्तारण नहीं किया गया तो 20 जून को शामली तहसील में पहुंचकर आत्मदाह करने को मजबूर हो जाएंगे।
सोमवार को मालैंडी गांव के गरीब दलितों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम इंद्र विक्रम सिंह को ज्ञापन देकर अवगत कराया कि ग्रामसभा की कृषि भूमि के पट्टे वर्ष 1965 और 1970 व 1975 में आवंटित किए थे। गांव के दलित वर्ष 1965 से लगातार काबिज है और इस भूमि को बोते आ रहे है।
नौ जून को पूर्वाह्न 11 बजे ग्राम प्रधान के बडे़ भाई व तहसील कानूनगो ने डीएम का हवाला देते हुए पट्टे धारकों की भूमि पर ट्रैक्टर चलवाकर फसल को नष्ट कर दिया है।
ज्ञापन में पट्टा धारकों ने अवगत कहा कि ग्राम प्रधान के भाई और राजस्व निरीक्षक द्वारा कहा गया कि जो इस भूमि को बोएगा उसे जुर्माना देना पड़ेगा और जेल भी जाना पड़ेगा। ग्राम पंचायत की भूमि को मांगा बोर हा था, उस पर जबरदस्ती गांव के दूसरे लोगों भूमि पर कब्जा करके बो दी गई है।
पीड़ित दलितों ने चेतावनी है कि अगर उनकी जमीन का कोई भी निस्तारण नहीं किया गया तो 20 जून को शामली तहसील में आत्मदाह करेंगे। दलितों का कहना है कि गुजर बसर का जो सहारा था, वह छीन लिया गया है। डीएम को ज्ञापन को देने वालों में मुख्य रूप से उदयवीर सिंह, राजपाल, धर्मपाल, कालू, महावीर, देवेंद्र, मदन सिंह, मांगा, बलजोर, राममेहर, सतवीर, हुकम सिंह, सुभाष, मामचंद, पिरथी, नागिनी, कबूल, किलाशो, सुखवीरा, श्यामू, रत्न, लाल सिह, कंवरपाल, बीरसैन, कुसुम, समेत 35 दलित मौजूद रहे।