कैराना (शामली)। पिछले चार दिन तक हरियाणा में सर्वे करने के बाद शनिवार को सर्वे आफ इंडिया चंडीगढ़ की टीम ने भड़ी में पायलट प्रोजेक्ट के तहत सीमांकन का कार्य शुरू कर दिया। टीम ने भड़ी से आगे जिला सहारनपुर में सीमा पर 1974 में लगाया गया मेन रेफरेंस पिलर जमीन की खोदाई करके देखा। भड़ी में सर्वे और सीमांकन का कार्य पूरा होने के बाद सीमा पर 39 बाउंड्री पिलर लगाएं जाएंगे।
एक पखवाड़ा पूर्व शामली में मुख्यालय पर हरियाणा व यूपी के प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक के बाद हरियाणा सीमा से लगते भड़ी गांव में पायलट प्रोजेक्ट के तहत सर्वे करा कर सीमा पर नये बाउंड्री पिलर लगाने पर सहमति बनी थी। दो मार्च से सर्वे आफ इंडिया चंडीगढ़ की सर्वे टीम ने हरियाणा सीमा की ओर से सर्वे किया था। शनिवार को सर्वेयर करतार सिंह के नेतृत्व में सर्वे आफ इंडिया की छह सदस्य टीम चौसाना क्षेत्र के सीमा से लगते गांव भड़ी पहुंची। यहां पर टीम ने ऊन तहसील के कानूनगो व लेखपालों के साथ मिलकर 1974 में दीक्षित आयोग द्वारा सीमा पर लगाए गये मेन रेफरेंस पिलरों का निरीक्षण किया। भड़ी में मेन रेफरेंस पिलर नहीं मिलने पर टीम ने जिला सहारनपुर के शामली जिले की सीमा पर स्थित कुंडा कला में जमीन के नीचे दबा मेन रेफरेंस पिलर यूपी 4 खोज निकाला। टीम ने जमीन की खुदाई करा कर पिलर को बाहर निकाला। इसके साथ ही टीम ने मेन रेफरेंस पिलर के आधार पर सीमांकन का कार्य शुरू कर दिया। सीमांकन होने के बाद भड़ी प्रोजेक्ट के तहत सीमा पर 39 बाउंड्री पिलर लगाएं जाएंगे।
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बाउंड्री पिलर नहीं मिलने से समाधान में हो सकती है देरी
सर्वे आफ इंडिया चंडीगढ़ से आए सर्वेयर करतार सिंह ने बताया कि भड़ी पायलट प्रोजेक्ट के तहत हरियाणा की साइड सर्वे के बाद नलवी पार में मेन रेफरेंस पिलर एच 4 तथा यूपी में कुंडा कला में यूपी 4 पिलर पाया गया। दीक्षित आयोग के समय 1974 में इधर से उधर गई तथा उधर से इधर आयी जमीन के राजस्व रिकार्ड सजरे के हिसाब से डिलिट व दर्ज किए जाएंगे। करतार सिंह ने बताया कि मेन रेफरेंस पिलर सर्वे आफ इंडिया के होते है। भड़ी प्रोजेक्ट पर लगने वाले आठ सब रेफरेंस पिलर भी उनके पास है, लेकिन हरियाणा प्रशासन द्वारा 19 व यूपी प्रशासन द्वारा 20 बाउंड्री पिलर उपलब्ध कराने के बाद ही सीमा की समस्या का समाधान होगा।