शामली। मेरठ- करनाल हाईवे पर स्थित काठा नदी के पुल की सड़क क्षतिग्रस्त होने से कई फीट गहरा और लंबा गड्ढा हो गया है। गड्ढा होने से पुल की रेलिंग खत्म होने के बाद दीवार अपने स्थान से खिसक गई है, जिससे दुर्घटना का अंदेेशा बन गया है।
2016 में मेरठ- करनाल फोरलेन के निर्माण के बाद 2017-18 में लोक निर्माण विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नई दिल्ली को हाईवे हस्तांतरित कर दिया था। पिछले कई सालों से मेरठ-करनाल फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के आधीन है। मंगलवार को हाइवे पर काठा नदी के पुल की एक साइड की सड़क धंस जाने के बाद कई फीट लंबा और गहरा गड्ढा हो गया। गड्ढे से पुल की लोहे की रेलिंग खत्म होने के बाद दीवार खिसक कर तिरछी हो गई है। सड़क की एक साइड में गहरा गड्ढा होने से मेरठ और करनाल की ओर आने-जाने वाले वाहनों के लिए हादसे का खतरा हो गया है। जिला मुख्यालय पर एडीएम अरविंद कुमार सिंह, एसडीएम ऊन मणि अरोरा को सूचना दी गई है। दोनों अधिकारियों का कहना है कि मौके पर टीम को भेजकर पड़ताल कराई जाएगी। क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराई जाएगी।
टीम भेजकर करा रहे निरीक्षण
कोरोना के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई का कार्यालय दो- तीन दिन के लिए बंद है। फिर भी टीम को भेजकर काठा नदी के पुल का निरीक्षण के लिए टीम भेज रहे हैं।
- संजय मिश्रा, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, बागपत इकाई।