एक-दूसरे से दूरी बर्दाश्त नहीं कर पाए आंचल और सागर
शामली/ ऊन। आंचल और सागर के प्रेम प्रसंग का पता चला तो चार माह पूर्व परिजनों ने दोनों पर पाबंदी लगा दी थी। दोनों को गांव से बाहर भेज दिया गया था। दोनों एक-दूसरे से दूरी बर्दाश्त नहीं कर पाए। चार माह बाद शनिवार रात दोनों को मिलने का मौका मिला था।
गांव हसनपुर निवासी आंचल और सागर के बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। करीब चार माह पूर्व परिजनों ने फोन पर बातचीत करते हुए उन्हें पकड़ लिया था। जिसके बाद दोनों पर पाबंदी लगा दी गई थी। दोनों के परिजनों ने उन्हें गांव से बाहर भेज दिया था। सागर प्लंबर का काम करता था। वह प्लंबर का काम करने यमुनानगर चला गया। आंचल को परिजनों ने उसके मामा के यहां पिंडोरा भेज दिया था।
यह भी पढ़ें: Mulayam Singh Death: मुलायम सिंह यादव ने महिलाओं को दी थी बेलन उठाने की सलाह, पढ़ें- क्या थी वजह
शुक्रवार को जागरण होने के कारण आंचल अपने घर वापस आ गई। सागर भी शनिवार शाम को अपने घर आ गया। रात को दोनों एक साथ घर से लापता हो गए। आंचल के पिता अरविंद ने बताया कि उन्हें सुबह करीब पांच बजे लड़की के घर से जाने का पता चला। जिसके बाद उसकी तलाश की गई और पुलिस को सूचना दी गई। बाद में दोनों के शव खेड़ा भाऊ गांव में पेड़ पर लटके मिले।