किसान आढ़ती या बैंकों से ब्याज पर कर्जा लेकर फसलें उगाते हैं। उन फसलों में एक सपना भी होता है। किसी को बेटी अथवा बहन की शादी तो किसी को अपने मकान की मरम्मत करानी होती है। फसल अच्छी होगी, तो अच्छा पैसा मिलेगा। जिससे वह अपने सपनों काे साकार करेगा। लेकिन यमुना में आई बाढ़ ने इन किसानों के सपनों को डूबो दिया।
गांव मवी निवासी सलेक चंद ने बताया कि तीतरवाडा बैंक से तीन लाख का ऋण लेकर 15 बीघा जमीन में मिर्च, मुली, भिंडी, चरी आदि की फसल लगाई थी। फसल को देख उम्मीद थी कि इस बार अच्छा मुनाफा होगा और बैंक का ऋण भी उतार देगा। बाकी रकम से बेटी की शादी भी कर देगा। लेकिन भगवान को यह मंजूर नहीं था। सारी फसल बाढ़ में बह गई। अब शादी अगले साल ही करनी पड़ेगी।