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Shamli News: गेहूं, गन्ने के साथ ही काला आलू की खेती भर रही किसानों की जेब

Sat, 28 Feb 2026 12:49 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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आलू की खेती करने वाले चौधरी शकील। - फोटो : बांदा-बहराइच राजमार्ग पर हादसे में क्षतिग्रस्त वैन।
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शामली। जिले के किसान अपनी आय बढ़ाने के लिए गन्ने, गेहूं और ज्वार के साथ-साथ काले आलू की खेती कर रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी इस सहफसली की ओर जोर दे रहे हैं। उनके अनुसार अगले माह से किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र पर काला आलू की किस्म कुफरी ब्लैक, ब्लैक ब्यूटी, कुफरी प्रकाश और कुफरी जमुनिया उगाने के प्रति प्रशिक्षित किया जाएगा।
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जिले में सबसे अधिक गन्ने की खेती होती है, लेकिन धान और गेहूं के साथ-साथ आलू की खेती भी की जाती है। वर्तमान में जिले में 20 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में आलू की खेती हो रही है।
जलालाबाद क्षेत्र के किसान प्रदीप राणा और चौधरी शकील काला आलू की कुफरी जमुनिया किस्म उगा रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि प्रदीप राणा, चौधरी शकील और अन्य किसानों ने जलालाबाद क्षेत्र में 700 बीघा से अधिक भूमि में काला आलू की खेती की हुई है। काला आलू सामान्य आलू से दोगुनी कीमत पर बिक रहा है।
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काला आलू की खासियत
डॉ. संदीप चौधरी के अनुसार काला आलू 40 प्रतिशत आयरन और विटामिन बी से भरपूर होता है। इसमें फ्लोरिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। इसमें फैट नहीं होता और यह खून की कमी को पूरा कर मोटापा कम करने में मदद करता है।
दिल्ली के मॉल और होटलों में बिक रहा शामली का काला आलू
किसान प्रदीप राणा और शकील ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में काला आलू की किस्मों को ज्यादा पसंद नहीं किया जाता, लेकिन दिल्ली, गुरुग्राम के होटलों और मॉल में इसकी मांग बहुत अधिक है। उन्होंने बताया कि काला आलू 80 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। किसानों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में काला आलू की मांग लगातार बढ़ रही है। इस कारण अन्य किसानों को भी काला आलू की खेती और उन्नत किस्मों के बारे में प्रशिक्षण और जानकारी दी जा रही है।
काला आलू की उन्नत किस्मों की विशेषताएं
डॉ. संदीप के अनुसार उन्नत किस्में जैसे कुफरी ब्लैक (नीलकंठ), ब्लैक ब्यूटी और कुफरी प्रकाश में बेहतर पैदावार, झुलसा रोग प्रतिरोधकता और उच्च भंडारण क्षमता होती है। ये किस्में कम समय में तैयार होकर प्रति हेक्टेयर 35–40 टन तक पैदावार देती हैं, जिससे किसानों को अधिक मुनाफा होता है।

आलू की खेती करने वाले चौधरी शकील।- फोटो : बांदा-बहराइच राजमार्ग पर हादसे में क्षतिग्रस्त वैन।

आलू की खेती करने वाले चौधरी शकील।- फोटो : बांदा-बहराइच राजमार्ग पर हादसे में क्षतिग्रस्त वैन।

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