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बेजुबान कबूतरों पर क्रूरता : नशीली खुराक से घंटों की उड़ान

Wed, 29 Apr 2026 12:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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स्टिंग..बाजी के तैयार कबूतर
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शामली। शहर और आसपास के गांवों में कबूतरों पर सट्टेबाजी का खेल पक्षियों पर क्रूरता में बदल चुका है। कबूतरों को अफीम, डोडा और दवा मिलाकर पिलाया जा रहा है, ताकि वे घंटों तक आसमान में उड़ते रहें। इनकी उड़ान पर रोजाना 11 से 20 हजार रुपये तक की बाजी लगाई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार विभाग सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं। संवाददाता के स्टिंग में इस अवैध खेल की सच्चाई सामने आई।
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स्थान : सेहटा गांव के पास
संवाददाता : भाई, कबूतरों पर कितने गांव के लोगों ने सट्टा लगाया हुआ है और कितने का
युवक : 17 से ज्यादा गांव के लोगों के कबूतर उड़ रहे हैं, जिन पर 11 से लेकर 20 हजार रुपये तक की बाजी लग रही है
संवाददाता : कल कितने की बाजी थी
युवक : कल 11 हजार की बाजी पास के ही गांव के युवक ने जीती थी
संवाददाता : कबूतरों को कई घंटे तक उड़ाना होता है, इसके लिए क्या देते हैं इन्हें
युवक : नशीली दवाई, अफीम, डोडे का पानी इन्हें पिलाया जाता है, जिससे ये कई घंटे तक उड़ान भरते हैं
स्थान : कुरमाली गांव के जंगल में
संवाददाता : मुझे कबूतर पर बाजी लगानी है, क्या करना होगा
युवक : तुम्हारा कबूतर है क्या
संवाददाता: ले आऊंगा
युवक : 20 हजार की बाजी लगेगी, रुपये सोनू के पास जमा करा देना
संवाददाता : अभी कितने कबूतरों पर बाजी लगी है
युवक : अभी 18 पर लगी है
कबूतर मालिकों के अनुसार कई कबूतर 18 से 24 घंटे तक उड़ते हैं और जो सबसे ज्यादा समय तक उड़ता है, वही विजेता होता है। यह सट्टेबाजी बनत, माजरा, सेहटा, कुरमाली, लिलौन समेत कई गांवों में फैली हुई है।



ऐसे लगती है बाजी
कबूतरबाजी से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि एक प्रतियोगिता में 25 हजार रुपये तक की बाजी लगती है। एक कबूतर उड़ाने पर 500 रुपये की एंट्री फीस ली जाती है। कई बार एक-एक लाख रुपये तक की बाजी भी लगाई जाती है। सुबह 9 बजे से शाम तक उड़ान चलती है और सबसे अधिक देर तक उड़ने वाले कबूतरों के मालिकों में राशि बांट दी जाती है।
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ऐसे दी जाती है ट्रेनिंग
कबूतरों के बच्चों को छत पर विशेष रंग के कपड़े वाले छज्जे पर बैठाया जाता है। धीरे-धीरे उन्हें उड़ाने की ट्रेनिंग दी जाती है। कबूतर रंग पहचानकर उसी स्थान पर लौट आते हैं, जिससे उन्हें नियंत्रित किया जाता है।

खुराक के नाम पर नशा
कबूतरों को बादाम, काले चने, मगज, बाजरा, मक्की और गेहूं खिलाकर मजबूत किया जाता है। लेकिन बाजी जीतने के लिए उन्हें अफीम, डोडा और दवाएं भी दी जाती हैं, जिससे वे ज्यादा देर तक उड़ सकें।


डॉक्टर की राय
पशु चिकित्सक डॉ. प्रेम सिंह के अनुसार डोडा और अफीम, नशीली दवाई कुछ समय के लिए उत्तेजना बढ़ाते हैं, लेकिन बाद में यह शरीर और तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं।
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कानूनी पहलू:
कबूतरों पर सट्टा लगाना और उन्हें इस तरह प्रताड़ित करना कानूनन अपराध है, जिसमें 1 से लेकर सात साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
सन्नी निर्वाल, वरिष्ठ अधिवक्ता


कबूतरों पर सट्टा लगाने का मामला संज्ञान में नहीं है। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए।
— नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी
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