शामली। मेरठ- करनाल फोरलेन का निर्माण कार्य दो माह में पूरा होना आसान नहीं है, अभी तक शामली से टिटौली तक पांच किमी तक का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।
मेरठ- करनाल फोरलेन का निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है। मुजफ्फरनगर जिले की नगवा गांव की सीमा से लेकर शामली सिटी व टिटौली से लेकर बिड़ौली यमुना पुल तक फोरलेन का ज्यादातर कार्य पूरा हो चुका है। ग्राम टिटौली से लेकर शामली बुढ़ाना रोड रेलवे फाटक तक पांच किमी परिधि में फोरलेन का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।
एक माह पूर्व टिटौली तक पेड़ों के कटान की अनुमति मिली थी। वन विभाग अभी तक टिटौली से लेकर शामली सिटी तक एक साइड के पेड़ों के कटान का कार्य भी पूरा नहीं कर पाया है। टिटौली से लेकर शामली शहर के बीच वनसाइड पेड़ों के कटान का कार्य पूर्वी यमुना नहर तक पूरा हो पाया है। पूर्वी यमुना नहर से लेकर विजयचौक तक पेड़ों के कटान का कार्य अधर में है। उसके बाद सड़क चौड़ीकरण के लिए दोनों ओर साइडों में अवैध कब्जा हटाने और भूमि को समतल करना और सड़क, डिवाइडर निर्माण में समय लगना है। लोक निर्माण विभाग को फोरलेन का कार्य समाप्त करने के लिए 31 मार्च का समय दिया गया है।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता पीआर शर्मा, वीके जैन का कहना है कि पेड़ों के कटान के बाद टिटौली से लेकर शामली शहर के विजय चौक तक मेरठ करनाल फोरलेन कार्य पहले पूरा कराया जाएगा। 31 मार्च तक फोरलेन का समूचा निर्माण कार्य पूरा करा दिया जाएगा। मेरठ-करनाल फोरलेन शामली शहर के अंदर से होकर जाएगा। फोरलेन की जद में कम से डेढ़ सौ से ज्यादा दुकानदार, औद्योगिक इकाई, भवन सिनेमा, रोडवेज बस अड्डा शामिल है।
शहर से गुजरने वाले फोरलेन के मामले में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने कोई भी नोटिस जारी नहीं किया गया है। अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। ऊन तहसील के शिलान्यास समारोह के मौके पर लोक निर्माण विभाग के कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव से फोरलेन के मुद्दे पर व्यापारी पहले ही मुलाकात कर चुके हैं। डीएम का कहना है कि फोरलेन का निर्माण लोक निर्माण विभाग अपनी भूमि में कराएगा।